बैतूलः जिले के सारनी में ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में ब्लास्ट से आग लगने का मामला सामने आया है। घटना में दिव्यांग टीचर की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील कुमार लोखंडे (गुड्डू) पुत्र बलीराम लोखंडे सारनी के रूप में हुई है। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था।
जानकारी देते मृतक के भाई राजेश ने बताया कि भाई सुनील ने इंजीनियरिंग की थी। वह दो भाइयों में छोटा था। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था। सुनील बचपन से दिव्यांग नहीं था। बीए की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आने लगी थी। जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा था जिसके चलते उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होने लगी थी। करीब 15 साल पहले वह दिव्यांग हो गया। उन्होंने बताया कि जिस ट्राइसाइकिल से यह हादसा हुआ वह ढाई साल पहले स्वनिधि योजना के तहत नगरपालिका की ओर से दी गई थी। उसमें कभी कोई समस्या नहीं रही। रात को अचानक ऐसा क्या हुआ यह परिवार को भी समझ नहीं आ रहा है। लोगों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल के पास मौजूद दुकानदार बिल्लू जगदेव ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं, जिससे सुनील को बचाया नहीं जा सका। हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए घोड़ाडोंगरी भिजवाया है।
