नई दिल्ली : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की जोरदार हार हो गई है। यूएस के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट के अंतर्गत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। इस हार के बाद ट्रंप ने 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है।
कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम
सबसे पहले बता दें कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की ओर से यूएस रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध बताए जाने वाले ट्रंप के तेवर गर्म हो गए हैं। कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों के बाद ही राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन कर दिए और दुनिया के सभी देशों से आयात पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ जड़ दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की है।
ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी बताए जाने और इसके बाद ट्रंप के द्वारा नए ग्लोबल टैरिफ का ऐलान करने के बाद बड़ा सवाल ये है कि भारत समेत तभी देशों को अब सिर्फ 10% ही टैरिफ ही लागू रहेगा। इसका अर्थ एएनआई की रिपोर्ट में इसको लेकर व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से यह कहा गया है कि हां अब जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाएगा तब तक 10% टैरिफ फीसदी ही लागू रहेगा। इसका अर्थ है 18% नहीं। अब भारतीय सामानों के आयात पर अमेरिका में 10 फीसदी टैरिफ रह सकता है हालांकि यहां ट्रंप के बयान पर यदि गौर करें तो उन्होंने यह कहा था कि 1974 के ट्रेड के एक्ट की धारा 122 के अंतर्गत 10% वैश्विक टैरिफ मौजूदा टैरिफ के एक्स्ट्रा होगा।
पिछले साल किया था टैरिफ का ऐलान
ट्रंप ने पिछले साल 2025 के अप्रैल महीने में अमेरिका के लिए लिब्रेशन डे करार देते हुए टैरिफ का ऐलान कर दिया था। यह 10 फीसदी से 50 फीसदी तक था। ये रेसिप्रोकल टैरिफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के अंतर्गत लगाया था और कोर्ट ने इस संबंध में साफ किया है कि ऐसा करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है और ये सिर्फ इमरजेंसी के हालात में इस्तेमाल होता है। ऐसे में अधिकारी ने साफ किया है कि ये IEEPA के अंतर्गत लागू किए गए टैरिफ की जगह लेगा जब तक कोई नया सिस्टम लागू नहीं किया जाता।
कब तक लागू रहेगा नया टैरिफ
डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में मिली टैरिफ पर हार के बाद जल्द जल्दबाजी में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के अंतर्गत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि करीब पांच महीने या 150 दिनों के लिए लागू रहेगा। इस सवाल का जवाब भी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10% ग्लोबल टैरिफ पर बात करते हुए यह संकेत दिया है कि उचित टैरिफ तय करने के लिए जरुरी जांच की जाएगी और जाएगी। जरुरत पड़ने पर टैरिफ हाईक किया जा सकता है।
इस वजह से लगा ग्लोबल टैरिफ
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका का नया 10% ग्लोबल टैरिफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समधान करना है। इसके साथ ही उन्होंने सभी ट्रेड पार्टनर्स को ट्रेड डील्स का पालन करने की सलाह दी है।