नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार शांति पुरस्कार मिल ही गया। ट्रंप को भले ही नोबेल शांति पुरस्कार न मिला हो लेकिन फीफा शांति पुरस्कार उन्हें जरुर मिल गया है। ट्रंप को यह पहला फीफा पीस अवॉर्ड दिया गया है। फीफा ने इसी साल से अवॉर्ड उन लोगों को देने की शुरुआत की है जो दुनिया में शांति फैलाने और लोगों को जोड़ने में अहम योगदान देते हैं। ट्रंप को यह सम्मान कैनेडी सेंटर वांशिगटन में आयोजित समारोह में गोल्ड ट्रॉफी और पदक के साथ दिया गया।
दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए मिला अवॉर्ड
समारोह का वैश्विक प्रसारण किया गया। इसमें ट्रंप के कूटनीतिक प्रयासों को दिखाने वाले वीडियो क्लिप्स भी शामिल किए गए। इसमें भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सहित कुछ विश्व नेताओं के क्लिप्स दिखाए गए हैं। वीडियो में ट्रंप की कूटनीति को भी सराहा गया और उनको दुनिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए सम्मानित बताया गया।
भारत-पाकिस्तान की रोकी लड़ाई
पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप ने कहा कि – ‘यह वास्तव में मेरे जीवन का एक महान सम्मान है। पुरस्कार से ज्यादा जरुरी है कि हमने करोड़ों जीवन बचाए। कांगो इसका उदाहरण है जहां 10 मिलियन लोग मारे गए थे और स्थिति जल्द ही और 10 मिलियन तक पहुंच सकती थी। हमने हस्तक्षेप करके इसको रोका। भारत-पाकिस्तान सहित कई संघर्षों को भी हमने रोकने में मदद की’।
वैश्विक संघर्ष किए खत्म
ट्रंप ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्होंने कई वैश्विक संघर्ष खत्म किए हैं। इस बारे में उन्होंने अपनी उम्मीदवारो को नॉबेल शांति पुरस्कार के लिए भी जोड़ा। ट्रंप ने हाल ही में U.S Institute Of Peace का नाम बदलकर Donald. J Trump United States Institute Of Peace कर दिया है।
फीफा की अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने भी ट्रंप की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप का योगदान फुटबॉल और दुनिया की कूटनीति दोनों ही सराहनीय है। ट्रंप को ग्लोब उठाए हुए हाथों वाली गोल्ड ट्रॉफी और एक पदक भी दिया गया। ट्रंप को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया जिसमें उन्हें दुनिया में शांति ओर एकता बढ़ाने में योगदान देने वाला बताया गया।