नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन को लेकर एक बड़ा बयान दे डाला है। उन्होंने कहा कि जैसे चीन अमेरिका के लिए खतरा है वैसे ही अमेरिका भी चीन के लिए खतरा है। ट्रंप का कहना है कि हम उन्हें देखते हैं वो हमें देखते हैं। दुनिया में बहुत प्रतिस्पर्धी हैं। खासतौर पर जब बात अमेरिका और चीन की हो। ट्रंप का यह कहना है कि दोनों देशों का आपस में टकराव करने की जगह मिलकर काम करना चाहिए। इससे अच्छे परिणाम मिलेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिकी एजेंसियां चीन पर पहले ही अमेरिकी की बिजली और पानी की व्यवस्था में सेंध लगाने के लिए आरोप लगा रही हैं। अमेकिरा के राष्ट्रपति ने चीन के बढ़ते परमाणु हथियारों पर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि चीन बहुत तेजी से नए हथियार बना रहा है। पांच साल में वह रुस और अमेरिका के करीब भी पहुंच सकता है। ट्रंप ने यह बताया है कि उन्होंने रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से परमाणु हथियारों को कम करने पर भी बात की है।
अमेरिका के साथ कैसे हैं चीन-रुस के रिश्ते
ट्रंप ने आगे कहा है कि दोनों देशों के बीच में प्रतिस्पर्धा तो जारी रहेगी लेकिन इसे युद्ध या फिर दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए। उनका यह कहना था कि साथ से दोनों देश दुनिया को अच्छी दिशा दे पाएंगे। ट्रंप ने चीन के पास बढ़ते हुए परमाणु हथियारों को लेकर भी अपनी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि – हमारे पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, रुस दूसरे नंबर पर है और चीन तीसरे पर है परंतु वो बहुत ही तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। मुझे यह लगता है कि अब सभी देशों को परमाणु हथियारों की संख्या कम करने वाले निरस्त्रीकरण पर भी काम करना चाहिए।
150 बार धरती नष्ट कर देंगे हमारे परमाणु हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों के साथ बात की है। उन्होंने कहा कि यदि ये तीनों देश मिलकर परमाणु हथियारों पर कंट्रोल की दिशा में कदम बढ़ाएंगे तो यह दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा संदेश होगा। उनका कहना है कि निरस्त्रीकरण एक बहुत बड़ा मुद्दा है हमारे पास इतने परमाणु हथियार हैं कि हम इस धरती को 150 बार नष्ट कर सकते हैं। रुस के पास भी बड़ी संख्या में परमाणु हथियार हैं और चीन के पास भी जल्द ही काफी हथियार होंगे। उनके पास अभी भी काफी मात्रा में है। अपने हाल के परमाणु परीक्षण आदेश का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि – चीन और रुस भी अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं बस आपको इसकी जानकारी नहीं है।
