चंडीगढ़ः गुरुद्वारा साहिब गुरु नानक दरबार से जुड़े 2 वीडियो वायरल हो रहे है। पहला वीडियो 1 मिनट 32 सेकेंड का है, जिसमें एक निहंग बेरहमी से एक वेटर को पीटता है। लड़का उससे बचने की कोशिश करता है, लेकिन उसे कोई नहीं बचाता। इतने में दूसरा निहंग आता है और वह दूसरे वेटरों को पीटना शुरू कर देता है। वेटर के चेहरे पर मास्क और टोपी पहनी हुई। जबकि दूसरे वीडियो में एक निहंग गुरुद्वारा कमेटी की चेयरपर्सन से बहस करते दिख रहा है। वीडियो के शुरू में निहंग कार में बैठा दिखता है।
उसमें वह कहता है कि गुरु घर में जब तंबाकू मिलने की बात हुई तो बिब्बी (चेयरमैन) का कहना था कि पूरा पंजाब बीड़ी-तंबाकू का सेवन करता है। फिर निहंग कहता है कि ऐसे ही हम अपने गुरु घरों में तंबाकू-बीड़ी का सेवन करवाएंगे। इस मामले में गुरुद्वारा साहिब की कमेटी का कहना है कि निहंग गुंडों की तरह गुरुद्वारा परिसर में घुसे थे। कमेटी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुद्वारा साहिब की छवि खराब करने की कोशिश है। कमेटी ने बताया कि वेटरों को पीटने वालों में से एक निहंग पहले करीब 2 साल तक गुरुद्वारा में सेवा कर चुका है।
मामले की जानकारी देते हुए कमेटी की चेयरपर्सन 87 वर्षीय सुरजीत कौर का कहना है कि वह 50 साल से अमृतधारी हैं। उन्होंने कहा कि इन निहंगों ने गलत काम किया है। ये गुंडों की तरह गुरुद्वारा साहिब में घुसे। अगर पुलिस होती तो उन्हें जांच करने का अधिकार है और वह वारंट लेकर आती है। निहंगों ने हमें कुछ नहीं बताया और सीधे गुरुद्वारे में घुस गए। यह कौन होते हैं गुरुद्वारे में इस तरह आने वाले? यह गुरुद्वारा साहिब में उल्टी साइड से घुस गए। सुरजीत कौर ने कहा कि जैसी भाषा इन्होंने बोली, वैसी मैंने भी बोल दी।
हम गुरुद्वारे में नशा नहीं बिकवाते। हम अमृतधारी लोग हैं। हमने गुरुद्वारा साहिब के बाहर लिखा है कि यहां शराब पीकर अंदर नहीं आ सकते। हमने आदमी तैनात किया हुआ है। ये उल्टी तरफ से आए। उस समय हमारा कार्यक्रम चल रहा था। ये क्यों आए? इन्हें आज तक क्यों नहीं पूछा गया? फिर एक को कह रहे थे कि पुलिस को फोन करो। उसने दाढ़ी बनाई हुई थी। वह पैसे लेकर घूम रहा था। सुरजीत कौर ने कहा कि हम गुरुद्वारे में नशा नहीं बेचते हैं। जैसा उन्होंने कहा, वैसा सुन लिया। सारी सिख संस्थाएं चंडीगढ़ में मुझे जानती हैं।
50 साल से ज्यादा समय से मैंने अमृत ग्रहण किया हुआ है। उन्हें नहीं पता कि मैं कैसी हूं। जो वीडियो वायरल किया है, वह उन्होंने गलत किया है। उस समय हमारी प्रधान नहीं थी। इसलिए मैं गई। दस बुजुर्ग महिलाएं और मेरे साथ थीं। उनका वीडियो क्यों वायरल नहीं किया? मनमोहन कौर ने बताया कि लक्की हमारे पास दो साल रहकर गया। उस समय उसने नशा-पत्ता क्यों नहीं पकड़ा? उसके जाने के बाद उसने गुरु घर पर हमला किया। गुरु घर को बदनाम करने की कोशिश की। अपनी खुन्नस निकालने के लिए यह सब कहा है। हमारी बीबी जी का नाम लग रहा था। गुस्से में आकर उन्होंने कह दिया कि हम खाते हैं, जो करना है कर लो।