अमृतसर: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के पवित्र मौके पर पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में दर्शन के लिए गया श्रद्धालुओं का जत्था आज अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत वापिस आ गया है। यह जत्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व में गया था। इसमें पंजाब के विभिन्न हिस्सों से सैंकड़ों श्रद्धालु शामिल थे।
श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान में स्थित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन किए। गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर में श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक रुप से बहुत ही प्रेरणादायक और भावनात्मक रही। पाकिस्तान सरकार के द्वारा किए गए प्रबंधों की भी सराहना की। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान सुरक्षा, ठहरने और भोजन की व्यवस्था काफी अच्छे तरीके से की थी। स्थानीय संगत ने जत्थे का हार्दिक स्वागत भी किया।
लगभग दस दिनों की सफल और सुखद यात्रा के बाद आज जत्था भारत में लौटा है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु नानक देव जी का गुरुपूर्व पाकिस्तान के गुरुद्वारों में मनाना उनके लिए एक अनमोल और यादगार अनुभव रहा है।