नई दिल्ली: रेप और पत्रकार हत्याकांड में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल मिल गई है। राम रहीम इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। पैरोल की अवधि के दौरान वह हरियाणा के सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेंगे। जानकारी के अनुसार, गुरमीत राम रहीम की पैरोल को कल शाम मंजूरी दी गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरु कर दी है। पैरोल के दौरान राम रहीम को तय शर्तों का पालन करना पड़ेगा और वह सिरसा डेरा परिसर से बाहर किसी आयोजन में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। प्रशासन की ओर से उनकी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
2017 से जेल में बंद है गुरमीत राम रहीम
गुरमीत राम रहीम साल 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। उन्हें दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी वहीं पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उन्हें दोषी करार दिया जा चुका है। इन मामलों के बाद राम रहीम कई बार पैरोल और फरलों पर जेल से बाहर आ चुका है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद भी उठते रहे हैं।
40 दिन के बाद जाना होगा जेल
इस बार उन्हें फिर से 40 दिनों की पैरोल मिल गई है। इससे पहले भी राम रहीम को चुनावी माहौल के दौरान पैरोल मिली थी। इसको लेकर प्रशासन ने यह कहा था कि पैरोल पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत दी गई है। जमानत की अवधि पूरी हो जाने के बाद गुरमीत राम रहीम को दोबारा से सुनारिया जेल में जाना होगा।
कई बार उठे है पैरोल पर सवाल
राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल पर अक्सर सवाल उठते हैं। पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल ने भी उन्हें पैरोल मिलने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं है बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है हालांकि हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में दिए हलफनामे में राम रहीम को हार्ड क्रिमिनल मानने से इंकार किया है। सरकार का यह कहना है कि राम रहीम जेल में अच्छा चाल-चलन ऱखने वाले कैदी है। जेल नियमों के अनुसार, एक कैदी को साल में 90 दिन की पैरोल मिल सकती है।
