चंडीगढ़ः सेक्टर-26 स्थित डिओरा क्लब में जहां बम विस्फोट हुआ था। 3 दिन बाद पुलिस ने क्लब के पार्टनर संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी युवक एक एएसआई का बेटा है और उसने कुछ दिन पहले क्लब के एक अन्य संचालक को धमकियां दी थी। आरोपी युवक को क्राइम ब्रांच में ले जाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस गिरफ्तारी का बम धमाके से कोई लेना-देना नहीं है। क्लब संचालक पर आरोप है कि उसने इसी क्लब के साथी संचालक से फिरौती मांगी है। इसी क्लब के दूसरे संचालक निखिल चौधरी ने इसके खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी।
पंजाब के पटियाला में रहने वाले निखिल चौधरी की ओर से पुलिस को दी गई FIR में बताया गया है कि डि’ओरा क्लब में वह 25 प्रतिशत के शेयर होल्डर थे। यह क्लब प्रेस्टीन हॉस्पिटैलिटी कंपनी के अधीन है। कुछ समय पहले उन्होंने अपने हिस्से के 10 प्रतिशत शेयर पटियाला के ही रहने वाले टेकचंद सिंगला को बेच दिए। निखिल का कहना है कि टेकचंद क्लब के संचालन में कोई हस्तक्षेप नहीं करते थे। जब डील हुई थी, तब यही तय हुआ था। बाद में उसने कुछ अनबन हो गई। इसका फायदा उठाने के लिए बीच में क्लब का दूसरा संचालक अर्जुन ठाकुर आ गया।
निखिल ने पुलिस को बताया कि अर्जुन बीच में आकर पैसे की डिमांड कर रहा था। वह मेरे हिस्से के बाकी शेयर अपने नाम पर ट्रांसफर करने का भी दबाव बना रहा था। इससे पहले भी वह फिरौती के लिए सामने से मौखिक रूप से मुझे धमका चुका था। वह कह रहा था कि मुझे पैसे देने की होंगे। जब मैंने पैसे देने से मना किया तो वह जान से मारने और गंभीर रूप से मारपीट करने की धमकी देने लगा। इसके बाद मैंने क्लब में जाना ही बंद कर दिया था, लेकिन कुछ समय पहले वह मुझे फिर मेरे क्लब के बाहर मिल गया। उसने मुझे फिर धमकाया और हर महीने 50 हजार रुपए देने की मांग की।
चंडीगढ़ सेक्टर-26 ईस्ट थाने के SI मोहित कुमार ने शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया। इसके बाद आज आरोपी अर्जुन ठाकुर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। उस पर फिरौती मांगने और पार्टनर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पिता पुलिस में ASI रह चुके हैं। सोमवार रात को सेक्टर-26 स्थित डेयोरा और सेवले क्लब के बाहर बाइक पर आए दो युवक विस्फोट करके मौके से फरार हो गए थे। धमाके से क्लब के सभी शीशे चटक गए थे।
इसके बाद मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने इस बम ब्लॉस्ट की जिम्मेदारी ली थी। फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड करके लिखा है कि चंडीगढ़ में हुए बम ब्लॉस्ट हमने करवाया है। इसके बाद जांच टीमें इस घटना को फिरौती मांगने के अलावा आतंकी गतिविधियों से भी जोड़कर देख रही थी। वहीं जिस जगह यह ब्लास्ट हुए हैं, यूटी पुलिस का आप्रेशन सेल व सेक्टर-26 थाना घटनास्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर ही स्थित है।