राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह बददी एस.पी को मिले
लिव इन का प्रमाण पत्र बनाने वाले युवक पर दर्ज हो रेप का केस-रुमित
बोले- बहला फुसला कर बालिका की पढ़ाई छुडाई और किया शोषण
बददी/सचिन बैंसल: दून विधानसभा की ढक़रयाना पंचायत के प्रधान द्वारा राजपूत समाज की एक बालिका द्वारा अपने घर में बंधक बनाकर दूसरे समुदाय के युवा से जबरन विवाह करवाने के मामले में नया मोड आ गया है। अब राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पीड़ीता अपने परिवार सहित एसपी बददी विनोद धीमान को मिली। आज पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश भर से आकर एस.पी. आफिस बददी में डेरा डाल लिया जिससे एक बार तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दून विधानसभा से भी सवर्ण समाज के लोग इस प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे थे। पार्टी अध्यक्ष संबधित पंचायत प्रधान को बंधक बनाने के आरोप में गिरफतार करने व युवा पीड़ीता के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी नालागढ़ में पढ़ाई करती थी और उसके संपर्क में हरीश कुमार नाम का युवा आया। उसने पहले तो बेटी की पढ़ाई छुडवाई और फिर उसको फैक्ट्री में लगवा दिया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपी युवा ने कई बार युवती को बहला फुसला कर उसका शारीरिक शोषण भी किया और उसको चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होने कहा कि हम कैसे लोकतंत्र में जी रहे हैं जहां एक 19 साल की कन्या से कोई युवा ऐसे घृणित कार्य करता है।
पंचायत प्रधान की मांगी गिरफतारी-
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर व पीड़ीता के परिजनों ने एसपी को बताया कि जिस पंचायत से युवा संबध रखता है उसने हमारी बेटी को दो दिन जबरन अपने घर में बंधक बनाकर रखा और उसको प्रताडित किया। पंचायत प्रधान ने बालिका को प्रताडित करके कहा कि आप दलित लडक़े से शादी कर लो आपको दो लाख रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। रुमित ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रधान का यह रवैया गलत है जिसमें पैसों का लालच देकर किसी भोली भाली कन्या को इस गर्त में धकेला जा रहा है। उन्होने कहा कि पंचायत प्रधान को तुरंत गिरफतार करके सलाखों के पीछे डाला जाए।
लिव इन का प्रमाण कैसे बना-
रुमित ठाकुर व युवा मोर्चा आरडीपी अध्यक्ष जगदीप सिंह ठाकुर ने कहा कि जब इस मामले में प्रधान ने सारे हथकंडे अपना लिए तो पीड़ीता का व आरोपी युवा का नालागढ़ कोर्ट में लिव इन का शपथ पत्र जबरन व डरा धमका कर बना दिया गया। उन्होने कहा कि अगर ऐसा था तो यह शपथ पत्र तहसीलदार या नायब तसहीलदार कार्यालय में मजिस्ट्रिेट के समक्ष बनना चाहिए था न कि उसको नोटरी अटेस्टेड करवा कर अपनी खाल बचाई गई। उन्होने कहा कि इस प्रकरण की भी पूरी जांच होनी चाहिए।
पूरा न्याय होगा दोषियों की होंगी गिरफतारियां-एसपी
एसपी बददी विनोद धीमान ने बताया कि पीडीत बालिका कुछ दिन पहले उनके कार्यालय में आई थी जिसमें उसने पंचायत प्रधान व आरोपी युवा के बारे में कुछ नहीं बोला था और अपहरण व बंधक बनाने का भी जिक्र नहीं किया था वरना हम उस दिन ही कार्यवाही कर देते। उन्होने कहा कि चूंकि परिवार के सदस्यों ने बताया कि बेटी को डरा धमका कर पूर्व में बयान दर्ज करवाए गए थे इसलिए अब नए सिरे से जो आरोप बालिका ने लगाए हैं उसको कलमबंद किया जा रहा है। एसपी विनोद धीमान ने कहा कि नए सिरे से केस में धाराएं जोडी जाएंगी और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया उसकी गिरफतारियां की जाएगी। उन्होने रुमित सिंह ठाकुर व प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि हिमाचल पुलिस किसी दबाव व जाति आधारित भेदभाव नहीं करती और हम बालिका के बयान दर्ज करने के बाद आगामी कार्यवाही तथ्यपूरक करेंगे।