नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आज बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद पुलिस ने एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी है। एयरपोर्ट के अलावा दिल्ली के कई स्कूलों और संस्थानों को भी ऐसी ही धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। ऐसे में पुलिस ने सभी जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। ईमेल भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को टेरराइज 111 नाम के आतंकी संगठन का हिस्सा बताया है। उसने दावा किया है कि अलग-अलग जगहों पर बम लगाए हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के अंदर विस्फोट हो सकता है।
100 से 150 संगठनों के पते पर भेजा गया ईमेल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेली की सामग्री प्राथमिक तौर पर मजाक जैसी ही लग रही है परंतु उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरु कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह धमकी वाला ईमेल करीबन 100 से 150 संगठनों के पते पर भेजा गया था। इसी बीच दिल्ली के दो स्कूलों द्वारका स्थित सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल और कुतुब मीनार के पास सरवोदय विद्यालय में भी बम की धमकी वाला ईमेल पहुंचा है। दिल्ली फायर सर्विसेज के मुताबिक दोनों स्कूलों में बम डिस्पोजल स्कवॉड और पुलिस टीम ने गहराई से जांच की परंतु उन्हें वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने यह साफ किया है कि यह धमकी झूठी ही साबित हुई है।
पुलिस के अनुसार, टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसरों की सर्चिंग की। फायर ब्रिगेड़ और बम डिस्पोजल यूनिट भी इस दौरान तैनात रही हालांकि तलाशी के बाद कुछ भी असामान्य नहीं मिला।
जम्मू एयरपोर्ट को भी मिली धमकी
इसी दिन एक और घटना में जम्मू एयरपोर्ट पर भी बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल आया है। एक निजी एयरलाइन को मिले ईमेल के बाद वहां फुल स्केल एंटी सबोटाज ड्रिल की गई। सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के द्वारा एयरपोर्ट परिसर की भी अच्छे से तलाशी ली गई। जांच पूरी होने तक सुरक्षा बल तैनात रहे हालांकि इस ऑपरेशन के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और एयर ट्रैफिक भी प्रभावित नहीं हुआ।
जांच में झूठा मिला ईमेल
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि ईमेल सुबह निजी एयरलाइन को मिला था। इसके बाद मानक प्रक्रिया के अंतर्गत तलाशी भी ली गई परंतु यह ईमेल भी झूठी निकली। पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायत दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। साइबर टीम ईमेल भेजने वाली की पहचान के लिए तकनीकी सुराग ढूंढ रही है। अधिकारियों ने कहा कि धमकी चाहे सच हो या झूठ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
