नई दिल्ली: दीवाली के बाद दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। बीती शाम भी दीवाली में 38 निगरानी स्टेशन में से 34 पर प्रदूषण का स्तर रेड जोन में दर्ज हुआ था। रेड जोन का अर्थ है बहुत खराब से भी गंभीर एयर क्वालिटी। वहीं सोमवार-मंगलवार की दर्मियानी रात में भी राजधानी में धुंध की मोटी चादर नजर आई और औसत एक्यूआई 531 दर्ज किया गया है। यह राष्ट्रीय औसत से 1.8 गुना ज्यादा है। सिर्फ इतना ही नहीं नरेला में वायु गुणवत्ता सूचकांक 550 के पार 551 पर पहुंच चुका है। अशोक नगर में 493 पहुंच गया है। दीवाली की शाम में लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े हैं ऐसे में एनसीआर के नोएडा और गुरुग्राम में भी हालात कुछ अच्छे नहीं रहे। नोएडा का एक्यूआई 407 वहीं गुरुग्राम का एक्यूआई 402 दर्ज किया गया है।
इन इलाकों में 400 से पार एक्यूआई
मौसम विभाग का कहना है कि दीवाली की शाम हवा न चलने के कारण आसमान में धुंध बनी रही। मंगलवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में आंशिक रुप से बादल छाए रहने की भी संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार, चार निगरानी स्टेशन से पहले से ही वायु गुणवत्ता को गंभीर श्रेणी में बताया है जिसमें एक्युआई का स्तर 400 से ऊपर था। इसमें द्वारका में एक्यूआई 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 में दर्ज किया गया है।
दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-2
दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी की ग्रैप-2 लागू कर दिया गया है। दीवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली हो गई थी। ऐसे में डीजल जनरेटर पर रोक लगाई गई। वही प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग फीस भी बढ़ा दी गई हहै। सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो की सर्विस बढ़ाई गई। नैचुरल गैस, बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर चलाने पर अनुमति दी गई है।
जारी हुआ अलर्ट
दिल्ली में मंगलवार को बुधवार को हवा का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। 0 से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।