चंडीगढ़: पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एमनेस्टी पॉलिसी 2025 की अवधि बढ़ाने का बड़ा जन-हितैषी कदम उठाया है। इस फैसले से प्रदेश भर के डिफॉल्टर प्लॉट आवंटियों को राहत मिली है। मंत्रिमंडल ने आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित और नीलाम किए गए प्लॉटों के लिए इस नीति को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। पात्र आवंटियों को संबंधित विकास प्राधिकरण से स्वीकृति मिलने के तीन महीनों के भीतर बकाया राशि जमा करनी होगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह निर्णय उन परिवारों और संस्थानों की मदद के लिए लिया गया है, जो बकाया किश्तों और कार्यालय स्तर की प्रक्रियाओं में देरी के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अब जो आवंटियों समय पर किश्तें जमा नहीं कर पाए या निर्धारित अवधि में निर्माण पूरा नहीं कर सके, उन्हें अपने बकाये का निपटारा करने और संपत्ति को नियमित करवाने का उचित अवसर मिलेगा। पात्र आवंटियों को बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर जुर्माना नहीं देना होगा और गैर-निर्माण शुल्क में 50% तक की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, आईटी सिटी एस.ए.एस. नगर और विकास प्राधिकरणों की अन्य योजनाओं में आवंटित संस्थागत साइटों, अस्पताल साइटों और औद्योगिक प्लॉटों के लिए 2.5% एक्सटेंशन फीस लगेगी और आवंटियों को निर्माण सहित शर्तें पूरी करने के लिए तीन साल का समय दिया जाएगा। यह योजना उन आवंटियों पर लागू होगी, जिन्होंने 31 दिसंबर 2013 के बाद किश्तों का भुगतान नहीं किया या निर्धारित समय में निर्माण पूरा नहीं किया। मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने सभी प्रभावित आवंटियों से अपील की कि वे इस बढ़ाई गई अवधि के भीतर योजना का लाभ जरूर उठाएं।