नई दिल्लीः गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटे गए। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर पूरा करने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी की। अब राज्य में कुल मतदाता 4.4 करोड़ रह गए हैं। बताया जा रहा है कि पहले यह संख्या क़रीब 5.08 करोड़ थी, यानी 13.4% की कमी आई है। वहीं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाताओं की संख्या में शुद्व रुप से 68 लाख 12 हजार 711 की कमी हुई है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में एसआईआर शुरु किए जाने के समय मतदाता सूची में 50843436 मतदाताओं के नाम थे।
एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसमें 44030725 है। इस तरह गुजरात की मतदाता सूची 13.40 प्रतिशत की कमी हुई है। केन्द्र शासित लक्ष्य द्वीप की सूची में 0. 36 प्रतिशत , पॉडुचेरी के सूची में 7.57 प्रतिशत नाम कम हुए है। लक्ष्यद्वीप में एसआईआर शुरु होने समय में सूची में 57813 नाम थे जो प्रक्रिया पूरी होने पर 57607 रहे गए। इसी तरह पाडुचेरी की सूची में मतदाताओं की संख्या 1021578 से घटकर 944211 रह गयी है। इस तरह सूची में 77367 नाम कम हुए है।
उल्लेखनीय है कि एसआईआर प्रक्रिया में मृत, दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित या एक जगह से अधिक सूची में पंजीकृत मतदाताओं के नाम निकाले गए है और नये 18 वर्ष की उम्र को प्राप्त कर चुके ऐसे नागरिकों के नाम जोड़े गए है जो राज्य के स्थायी निवासी है और इन्होंने अपना नाम सूची में दर्ज कराने के लिए आवेदन फार्म भर रखा था। आयोग इससे पहले बिहार में एसआईआर और असम में संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआर) प्रक्रिया पूरी करा चुका है।
अंडमान निकोबार द्वीप समूह और चंडीगढ़ के साथ साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान , केरल और गोवा में एसआईआर के आधार पर 21 फरवरी को अंतिम सूची जारी की जाएगी। यह एसआईआर अभियान पिछले साल अक्टूबर से शुरू हुआ था। इसका मक़सद वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा और सही बनाना था। इसमें मरने वालों, दूसरे जगह शिफ्ट हो गए लोगों, डुप्लिकेट नामों और गायब लोगों के नाम हटाए गए। ड्राफ्ट लिस्ट दिसंबर 2025 में जारी हुई थी, तब 73.7 लाख नाम हट चुके थे। फाइनल लिस्ट में और 3.9 लाख नाम हटाए गए। लेकिन ड्राफ्ट से फाइनल सूची आने तक 1.3% बढ़ोतरी हुई।