काठमांडः नेपाल में हालात अभी भी बेहद खराब है। हालांकि सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं सेना द्वारा आंदोलनकारियों से अवैध हथियार और गोला बारूद सुरक्षाकर्मियों को सौंपने की अपील की जा रही है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी हिंसक प्रदर्शनों का दौर थमा नहीं है। सोमवार को पुलिस की झड़प में कम से कम 20 प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद नाराज जेन-जी प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को भारी तोड़-फोड़ की और कई मंत्रियों, नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया। इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के काठमांडू में बुदानिलकांठा स्थित घर पर हमला कर दिया।
वहीं दूसरी ओर नेपाल के कपिलवस्तु जिला कारागार पर बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया, जिसके बाद 459 कैदी फरार हो गए। बड़ी संख्या में कैदियों के भागने के बाद भारत में घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और सोनौली बॉर्डर समेत सीमावर्ती इलाकों पर संदिग्धों की सघन जांच पड़ताल जारी है। महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर खुद एसपी ने मोर्चा संभालते हुए डेरा जमाया हुआ है। नेपाल में आर्मी ने अब कमान संभाल ली है और आंदोलन से निपटने के लिए पूरे नेपाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कर्फ्यू बुधवार 5 बजे से लेकर वीरवार सुबह 6 बजे तक रहेगा। सेना ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सिंहदरबार जैसे स्थानों पर भी कंट्रोल कर लिया है।
भारत स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बहाली में मदद कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने घर पर मौजूद देउबा और उनकी पत्नी नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा को बुरी तरह पीटा। सेना के हस्तक्षेप के बाद देउबा की जान तो बच गई लेकिन आरजू का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी आरजू को लात-घूसों से पीटते नजर आ रहे हैं। आरजू हमले में बुरी तरह घायल हुई थीं। उनके पति को तो बचा लिया गया लेकिन उन्हें लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आ पा रही है। फिलहाल यह पता नहीं है कि देश की विदेश मंत्री इस वक्त कहां हैं। कुछ रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि बुरी तरह पीटने के बाद आरजू को प्रदर्शनकारी अपने साथ ही लेकर चले गए। हालांकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है।