लुधियानाः कमिश्नरेट पुलिस ने हाल ही में कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़े हथियार सप्लाई और उगाही मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इसको लेकर सीपी स्वपन शर्मा ने कार्रवाई की जानकारी प्रेस कांफ्रेस के जरिए दी।
सीपी ने बताया कि आरोपियों का मुख्य काम लोगों को डराना और फिरोती मांगना था। करीब एक महीने पहले उनकी टीम ने सूचना के आधार पर नरेश सेठी को गिरफ्तार किया था जो मुल रूप से तामिलनाडु का निवासी है और अब लुधियाना रह रहा था। करीब 6-7 महीने पहले फायरिंग के पर्चे दर्ज होने के बाद से पटियाले फरार हो गया था। इसको गिरफ्तार करने के बाद जांच में सामने आया कि नरेश सेठी गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा है और उसने जालंधर और रुरल एरिया में रैकी भी की थी और किसी से फिरोती भी मांगी थी जिसका केस दर्ज हो गया था। पिछले दिनों सलेम टाबरी से एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी थी और इस केस में जतिन को काबू किया गया। जतिन से जांच में पता चला कि वह मुकुल मट्टू जो जेल में बंद है के टच में था और उसी ने जतिन को अवैध हथियार दिए थे जो गोल्डी बराड़ के संपर्क में हैं।
आरोपियों ने गुड़गांव में भी एक बिजनेसमैन को धमकी दी हुई थी और इन्होंने उस बिजनेसमैन को टारगेट करना था जिनकी साजिश को नाकाम करते हुए उन्हें काबू कर लिया है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 10 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में 14 केस दर्ज हैं। उन्होंने साफ किया कि सभी हथियार बॉर्डर पार से आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी पंजाब में दहशत फैलाने की इजाजत नहीं हैं और पुलिस की आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई इसी तरह जारी रहेगी।