जोधपुर: नाबालिग से रेप केस मामले में आसाराम को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आसाराम को मेडिकल ग्राउंड पर 6 महीने की जमानत दी है। दरअसल, आसाराम की ओर से उपचार के लिए रेगुलर जमानत याचिका लगाई गई थी। जिसपर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जहां स्वास्थ्य कारणों के चलते 6 माह के लिए जमानत दी गई। फिलहाल आसाराम का आरोग्य निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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ਨਾਬਾਲਿਗ ਦੇ ਯੌਨ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ ਦੋਸ਼ੀ ਆਸਾਰਾਮ ਨੂੰ ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ 6 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਅੰਤਰਿਮ ਜ਼ਮਾਨਤ!
दरअसल, आसाराम नाबालिग से रेप मामले में अप्रैल 2018 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी। 29 अक्टूबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट में आसाराम की सजा स्थगन और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की याचिका पर सुनवाई हुई थी। आसाराम की ओर से दिल्ली से आए सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने पैरवी की। राजस्थान सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) दीपक चौधरी ने दलील रखीं। पीड़िता की ओर से एडवोकेट पीसी सोलंकी ने पैरवी की।
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Rajasthan High Court Grants Six-Month Interim Bail to Asaram on Medical Grounds
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने आसाराम को मेडिकल ग्राउंड पर 6 महीने की जमानत देने का आदेश पारित किया। यह जमानत स्वास्थ्य कारणों पर आधारित है। इससे आसाराम को 6 महीने तक जेल से बाहर रहने की अनुमति मिल गई है। 27 अगस्त को जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी।
कोर्ट ने अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने या निरंतर चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि आसाराम ने पिछले 3 से 4 महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं कीं और विभिन्न शहरों के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन किसी भी अस्पताल में नियमित रूप से फॉलो-अप नहीं कराया।