नई दिल्ली : मोजाम्बिक की सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से देश में बवाल मच गया है। देश के उच्चतम न्यायालय ने ऐसा फैसला सुनाया कि हिंसा भड़क उठी। इसमें 21 लोगों की मौत हो गई। इससे मोजाम्बिक हिंसा में मरने वालों की संख्या 150 हो गई है। देश की सुप्रीम कोर्ट ने सत्तारूढ़ फरेलिमो पार्टी के उम्मीदवार डेनियल चापो की जीत को वैध ठहरा दिया। इसके बाद हिंसा भड़क गई, जिसमें पुलिस के दो अधिकारियों सहित कम से कम 21 लोग मारे गए।
अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस साल अक्टूबर में मोजाम्बिक में चुनाव हुए थे। चुनाव के बाद से ही फैसले को लेकर विपक्षी पार्टियां ऐतराज कर रहीं थीं। मोजाम्बिक के गृह मंत्री पास्कोल रोंडा ने मंगलवार देर रात मापुतो में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक दिन पहले अदालत की घोषणा के बाद हिंसा और लूटपाट शुरू हो गई। चैपो के निकटतम प्रतिद्वंदी और चुनाव में हार गए उम्मीदवार वेनांसियो मोंडलेन के युवा समर्थकों ने इस हिंसा का नेतृत्व किया।
इस चुनाव में चैपो को 65 प्रतिशत मत मिले जबकि मोंडलेन को 24 प्रतिशत ही वोट मिल सके। मंगलवार रात तक राजधानी मापुटो में हालात तनावपूर्ण थे। कई जगह दुकानों को आग के हवाले कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। अब हालात बेकाबू हो गए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं। रोंडा ने बताया कि पुलिस के दो वाहनों समेत कुल 25 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 11 पुलिस चौकियों तथा एक कारागार पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की गई और 86 कैदियों को छुड़ा लिया गया।