चेयरमैन ने की कार्रवाई, रेहड़ी-फड़ी वालों ने ठेकेदार खिलाफ किया प्रदर्शन
लुधियानाः पंजाब की सबसे बड़ी सब्जी मंडियों में से एक लुधियाना मंडी में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है यहां ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि यहां सरकारी पर्ची के रेट सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह गए हैं। सुबह आने जाने वाले रेहड़ी फड़ी वालों ने खुलेआम डबल वसूली के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर ठेकेदार पर मार्कीट कमेटी ने कार्रवाई करते हुए उन पर 15 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है जिसके बाद ठेकेदार द्वारा अपना ठेका छोड़ने की बात सोशल मीडिया पर कही। वहीं अब रेहड़ी-फड़ी वालों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि ठेकेदार के करिंदों ने उनके साथ मार्कीट में आकर शरेआम मारपीट की और उन पर शिकायतें करने का आरोप लगाया। रेहड़ी-फड़ी वालों ने इसको लेकर प्रदर्शन भी किया और ठेकेदार खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंडी बोर्ड के चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल ने कहा कि राजू ठेकेदार ने बीते दिन उन्हें पत्र लिखकर ठेका छोड़ने की बात कही थी जिसके बाद उन्होंने मंडी बोर्ड की ओर से अपने कर्मचारियों को रखकर वसूली शुरू कर दी थी। इसके बाद आढ़ती और रेहड़ी-फड़ी वाले उनके साथ बातचीत करने आए थे कि इस दौरान राजू ठेकेदार के करिंदों ने रेहड़ी-फड़ी वालों पर हमला कर दिया और उनके साथ भी गाली गलोज की गई थी। घटना के बाद उन पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस को शिकायत दे दी गई है।
मंडी के अंदर खरीदारी के लिए जाने वाले वाहनों और रेहड़ी-फड़ी वालों का भी कहना है कि एंट्री गेट पर जो सरकारी रसीद दी जाती है, उस पर लिखे गए असल रेट को काटकर कर्मचारी अपनी मर्जी के दाम वसूल रहे हैं। व्यापारी ने कहा कि साहब ये लूट नहीं तो क्या है मुलाजिम हाथ में 120 रु. की पर्ची थमाते हैं और जबरन 300 रु. वसूलते हैं। प्रति गाड़ी 180 रुपए का सीधा डाका। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी के पास ठेका हो उसके बावजूद लूट मचा रखी है। कहा कि गरीब की आवाज कोई नहीं सुनता है। यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है, लेकिन मंडी बोर्ड के कर्मचारी बेखौफ होकर इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। लूट का यह खेल सिर्फ मंडी की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। मंडी के बाहर सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले गरीब दुकानदारों से भी नाजायज वसूली की जा रही है।
दूसरी ओर राजू ठेकेदार ने अपने उपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि सेक्रेटरी उनका ठेका बदलना चाहते थे, इसलिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।