ऊना/ सुशील पंडित: भाजपा युवा नेता अरुण कौशल ने गत दिवस पत्रकार अविनाश विद्रोही पर दर्ज हुए मुकदमे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा है कि पत्रकार पर झूठा मुकद्दमा राज्य सरकार द्वारा मीडिया की आवाज़ दबाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल के दौरान भी मीडिया को दबाने का प्रयास किया था। कांग्रेस शुरू से प्रैस विरोधी रही है और मीडिया की स्वतंत्र आवाज को कुचलती रही है। अब तो उन्होंने साधारण खबरें छापने पर भी पत्रकारों के विरुद्ध दमन की नीति को अपना लिया है।
कौशल ने आगे कहा कि कांग्रेसी नेता यह न भूलें की कोरोना महामारी के दौरान जब तमाम लोग अपने घरों में क़ैद थे तब विभिन्न मीडिया कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर देर रात तक रिपोर्टिंग कर लोगों को जागरूक किया था। जब से सुक्खू सरकार आई है तब से प्रदेश भर में अनगिनत पत्रकारों पर दर्जनों पर्चे दर्ज हो चुके हैं। अविनाश विद्रोही की जिस खबर के ऊपर यह केस दर्ज हुआ है वह अत्यंत नपी तुली और पत्रकारिता के मानकों पर सही उतरने वाली खबर थी। यदि ऐसा है तो कल को कोई भी पत्रकार किसी भी विषय पर खबर लिखने से पहले सौ बार सोचेगा कि कहीं सुक्खू सरकार उनके ऊपर कोई पर्चा न दर्ज कर दे।