सामूहिक प्रयासों से ऊना को विकास में अग्रणी जिला बनाने पर जोर
ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत चल रहे सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ये निर्देश शनिवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के तहत प्रायोजित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपसी सहयोग के कार्य करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के माध्यम से ऊना जिला विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बने।
जतिन लाल ने कहा कि ऊना जिला भौगोलिक रूप से सुगम है और सभी पंचायतों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
मनरेगा 99 प्रतिशत कामगारों की केवाईसी पूरी
उपायुक्त ने बताया कि जिला ऊना में मनरेगा के तहत पंजीकृत 38,394 कामगारों में से 37,953 कामगारों की आधार से केवाईसी कर 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके अलावा जिले की 229 ग्राम पंचायतों में से 55 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की हाजिरी फेस ऑथेंटिकेशन मशीन के माध्यम से दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से अब तक इस योजना के तहत लगभग 94 प्रतिशत विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि युक्तधारा कार्यक्रम के तहत मनरेगा के विकास कार्यों को एकीकृत कर अब तक 94 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें गगरेट विकास खंड की सभी 40 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को शीघ्र सभी पंचायतों के विकास कार्यों को युक्तधारा के अंतर्गत अपलोड करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत अच्छी प्रगति
उपायुक्त ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत 2 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि में से 2 करोड़ 39 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस दौरान 933 व्यक्तिगत और 22 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जबकि 14 पृथक्करण शेड भी बनाए गए हैं। जिले के चार विकास खंडों में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयां भी क्रियाशील हैं। उन्होंने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 8080 हेक्टेयर भूमि सिंचित
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत स्वीकृत 8.69 करोड़ रुपये की राशि में से 8.31 करोड़ रुपये व्यय कर 8080 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 847 मकान निर्मितजिला ऊना में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2023-24 में 884 मकानों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 875 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के बाद अब तक 847 मकान निर्मित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी रमनवीर चौहान सहित सभी खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।