नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आज 14 अक्तूबर से एक जनवरी 2025 तक पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। प्रतिबंध को लेकर दिल्ली सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। साथ ही सभी दिल्ली वालों से सहयोग का अनुरोध भी किया है। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 31(ए) के तहत दिए गए अधिकारों का उपयोग करते हुए पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं।

बीती नौ सिंतबर को दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक जनवरी तक पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसके निर्देश दिए थे। सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी दिल्ली में पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।। एक जनवरी 2025 तक पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर भी प्रतिबंध रहेगा।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने को लेकर दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाएगी। सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 21 फोकस बिंदुओं पर आधारित विंटर एक्शन प्लान बना रही है।
दरअसल, अक्टूबर से दिल्ली की हवा खराब होने लगती है। इसकी दो वजहें हैं। जिसमें पहली- अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है। तापमान गिर जाता है और हवा की रफ्तार पर भी असर पड़ता है। दूसरी- इसी मौसम में दिल्ली के आसपास के सूबों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं। इससे प्रदूषण और बढ़ता है।
इसके साथ ही दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक, कोटला, रोहिणी, लक्ष्मी नगर जैसे मार्केट मुख्य रूप से पटाखों के कारोबार के केंद्र हैं। हालांकि, पटाखों के बैन से लोगों के रोजगार पर भी बुरा असर पड़ा है।
