जालंधर (ens): कैंट के आधीन अवैध इमारतों के काम को बंद करवाने में कैंट प्रशासन बुरी तरह से असफल साबित हो रहा है इसी के चलते यहां अवैध कारोबारी इमारतों का दायरा रिहायशी कालोनियों के अंदर तक पहुंच चुका है। मिली जानकारी अनुसार कैंट के मुहल्ला नंबर 20 में स्थित महाऋषि वाल्मिकी जी के मंदिर के समीप दो रिहायशी मकानों को गिरा कर वहां तीन मंजिला मोबाईल विक्रेता द्वारा शौरूम बनाया जा रहा है जिसका कोई भी कारोबारी नक्शा कैंट प्रशासन से पास नहीं करवाया गया।
आसपास के लोगों ने बताया कि यहां कैंटोंमैंट बोर्ड के अधिकारी आते जरूर हैं मगर थोड़ी ही देर में लौट जाते हैं। वहीं सूत्रों ने दावा किया कि इस बहुमंजिला अवैध इमारत का काम कैंटोनमैंट बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से ही चल रहा है। क्योंकि यह अवैध निर्माण पिछले चार महीनों से लगातार चल रहा है और एक बार भी इसे कैंटोनमैंट बोर्ड द्वारा रोका गया और न ही कोई नोटिस दिया गया।
कारोबारी इमारतों के बाईलाज के अनुसार बिल्डिंग के अंदर वाहन पार्किग के लिए जगह खाली छोड़नी जरूरी होती है तांकि जब कारोबारी इमारत में काम शुरु हो तो वाहन पार्किंग के लिए सड़क पर जाम न लगे। जिस सड़क पर यह कारोबारी निर्माण किया जा रहा है। वह सड़क कारोबारी नक्शा पास करने या कारोबारी निर्माण करने के दायरे से बाहर है।
मामले संबधी जनहित सोसाईटी के मैंबर द्वारा इस अवैध बिल्डिंग की तस्वीरें खींच कर कैंटोनमैंट बोर्ड जालन्धर सहित चंडीगढ़ स्थित हैड आफिस भेजने की कवायद शुरू कर दी है। जिसमें मांग की गई है तुरंत इस अवैध कारोबारी निमार्ण को बंद करवाया जाए और डिमोलिश किया जाए तांकि भविष्य में यहां बिना मंजूरी कारोबारी शौरुम न खोला जा सके। जिससे रिहायशी इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में कैंटोनमैंट बोर्ड के सीईओ से बात करने की कोशिश की गई मगर संपर्क नहीं हो सका। जल्द ही मामले संबंधी उनका पक्ष लेकर प्रकाशित किया जायेगा।