खुद उदाहरण प्रस्तुत कर राह दिखा रहे डीसी जतिन लाल, स्कूलों में बच्चों के बीच बिता रहे समय
ऊना/सुशील पंडित: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी पहल ‘अपना विद्यालय – हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ ऊना जिले में मिशन मोड में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उपायुक्त जतिन लाल की सतत मॉनिटरिंग और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से सरकारी विद्यालयों में न केवल शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, लक्ष्य-बोध और आगे बढ़ने की ठोस प्रेरणा भी विकसित हो रही है।

उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि इस कार्यक्रम की मूल भावना अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता और नियमित संवाद के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में गुणात्मक एवं प्रेरणात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना है। ताकि विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिले, ज्ञान का सार्थक आदान-प्रदान हो, विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके और आवश्यक सुविधाओं के विकास को गति मिले।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित समय दें और विद्यार्थियों से निरंतर जुड़ाव बनाए रखें।
पहले चरण में गोद लिए 83 सरकारी स्कूल
जतिन लाल ने बताया कि ‘अपना विद्यालय- हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ के अंतर्गत ऊना जिले में प्रथम चरण में 83 सरकारी विद्यालयों को शामिल किया गया है। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालय गोद लिए गए हैं।
बता दें, उपायुक्त ऊना ने स्वयं जिले के चार सरकारी विद्यालय गोद लिए हैं, जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) ऊना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरोली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थानाकलां, बंगाणा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुसाड़ा, अम्ब शामिल हैं। वे इन विद्यालयों में नियमित रूप से जाकर विद्यार्थियों से संवाद करते हैं और अन्य गोद लिए गए विद्यालयों का भी समय-समय पर निरीक्षण कर फीडबैक लेते हैं।
इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक ऊना, एडीसी, एएसपी, एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, डीएसपी सहित अन्य प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी भी अपने-अपने गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
करियर गाइडेंस से लेकर व्यक्तित्व विकास तक मिल रहा सहयोग
गोद लिए गए विद्यालयों में अधिकारी अपनी विशेषज्ञता के अनुरूप करियर गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी, पढ़ने-लिखने की आदत विकसित करने तथा सकारात्मक जीवन दृष्टि जैसे विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। साथ ही विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुरूप लाइब्रेरी, आईसीटी सुविधाएं, खेल गतिविधियां और अन्य आधारभूत संसाधनों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
विद्यालयों में समय देकर बच्चों के सपनों को संबल दे रहे हैं उपायुक्त
गौरतलब है कि उपायुक्त जतिन लाल गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से विजिट कर विद्यार्थियों के साथ समय बिताते रहे हैं। वे बच्चों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा निरंतर परिश्रम के लिए प्रेरित करते हैं। एक अवसर पर उन्होंने छात्राओं के साथ मिड-डे मील का भोजन भी साथ बैठकर किया। यह पहल भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ करने के साथ साथ विद्यार्थियों में प्रशासन के प्रति सीधा और आत्मीय संबंध विकसित करने का भी सशक्त माध्यम बनी।
‘ट्रू स्पिरिट’ में धरातल पर उतर रहा सीएम का विज़न
उपायुक्त ने कहा कि ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की शिक्षा के प्रति संवेदनशील सोच को इस कार्यक्रम के माध्यम से ट्रू स्पिरिट में धरातल पर उतारा जा रहा है। आगामी चरणों में और अधिक विद्यालयों तथा अधिकारियों को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।