चंडीगढ़: हरियाणा सरकार अगले महीने एक स्वचालित राजस्व प्रशासन प्रणाली शुरू करने जा रही है, जो कागजरहित और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में बड़ा कदम होगा। यह पहल मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के नेतृत्व में लागू की जा रही है। वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगभग 1,900 तकनीकी रूप से प्रशिक्षित पटवारियों को जल्द जिलों में तैनात किया जाए। साथ ही पांच दिन से अधिक लंबित मामलों को तुरंत निपटाने और बैकलॉग समाप्त करने पर जोर दिया गया।
फील्ड स्तर पर ये पटवारी भूमि रिकॉर्ड को आधार से जोड़ने, लाल डोरा नक्शों को अपडेट करने, रोवर तकनीक से सीमांकन करने और एग्रीस्टैक के तहत डेटा सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगे। सरकार ने लंबित इंतकाल (म्यूटेशन) मामलों को लगभग शून्य तक लाने और ऑटो-म्यूटेशन लागू करने के निर्देश दिए हैं। डिजिटल प्रगति के तहत 3.23 लाख से अधिक पेपरलेस रजिस्ट्रेशन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 84% स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 85% गांव भू-नक्शा पोर्टल पर आ चुके हैं।
कृषि डिजिटलीकरण में भी तेजी आई है, जहां डिजिटल फसल सर्वेक्षण 54% से अधिक पूरा हो चुका है और जमाबंदी अपडेट 86% तक पहुंच गया है। नई प्रणाली के तहत इंतकाल, रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड प्रबंधन को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिक ऑनलाइन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। वहीं ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत 5,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है, जिससे राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
हरियाणा सरकार अगले महीने एक स्वचालित राजस्व प्रशासन प्रणाली शुरू करने जा रही है, जो कागजरहित और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में बड़ा कदम होगा। यह पहल मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के नेतृत्व में लागू की जा रही है। वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगभग 1,900 तकनीकी रूप से प्रशिक्षित पटवारियों को जल्द जिलों में तैनात किया जाए। साथ ही पांच दिन से अधिक लंबित मामलों को तुरंत निपटाने और बैकलॉग समाप्त करने पर जोर दिया गया।
फील्ड स्तर पर ये पटवारी भूमि रिकॉर्ड को आधार से जोड़ने, लाल डोरा नक्शों को अपडेट करने, रोवर तकनीक से सीमांकन करने और एग्रीस्टैक के तहत डेटा सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगे। सरकार ने लंबित इंतकाल (म्यूटेशन) मामलों को लगभग शून्य तक लाने और ऑटो-म्यूटेशन लागू करने के निर्देश दिए हैं। डिजिटल प्रगति के तहत 3.23 लाख से अधिक पेपरलेस रजिस्ट्रेशन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 84% स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 85% गांव भू-नक्शा पोर्टल पर आ चुके हैं।