ऊना/सुशील पंडित: दौलतपुर चौक के अप्पर भंजाल गाँव में नव निर्माणधीन सिद्ध मां बगलामुखी 16 स्तम्भ 51 फ़ीट मंदिर तथा श्री महाकाल मंदिर मे चल रहे बिक्रम संबत 2083 के चेत्र शुक्ल प्रतिपदा नवरात्रि मे माँ बगलामुखी महायज्ञ का हुआ समापन। पूर्ण आहुति के बक्त हर हर महादेव के और जय माता दी के जय घोष से गूँजा, सुंकाळी, अप्पर भंजाल। इस अवसर पर यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने भक्तो को संदेश देते हुए कहा की पृथ्वी पर माँ जगदम्बा और भगवान महादेव शिव ही पूजने के लायक हैँ भगवान परशुराम जी, भगवान राम, भगवान श्री कृष्ण, जितने भी अवतार हुए है उन्होंने भगवान महादेव शिव और शक्ति की ही उपासन की है। जब से सनातनियों ने नए नए भगवान बना लिए है तब से हमारी दुर्गति आरम्भ हो गई है।
उन्होंने मंदिर निर्माण के बारे मे बताते हुए कहा कि यह मंदिर धर्म की स्थापना हेतु बनाया जा रहा है। यहाँ आने बाले समय मे बच्चों को मानसिक तथा शारीरिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा। इस मंदिर निर्माण हेतु। हर एक सनातनी के दरबाजे पर जाकर भिक्षा मांगी जाएगी।इस अवसर पर पूर्ण आहुति के मुख्य यजमान डॉक्टर मोहन सिंह ने कहा ऐसा भव्य आयोजन और मां बगलामुखी मंदिर निर्माण तथा श्री महाकाल मंदिर निर्माण पूरे इलाके के लिए सौभग्य की बात है।
इसको सभी की ज़िम्मेद्दारी है कि इसको बढ़ चढ़ कर सहयोग करें तथा जल्द से जल्द मंदिर बनकर मां विराजमान हो। इस अवसर पर मंदिर के सेवक बरयान सिंह, जयपाल सिंह, सुरजीत सिंह, रविन्द्र जसवाल (वंटू) , सतवीर, नरेश कुमार, विनोद राणा, बॉबी जसवाल, साहिल सहित सेंकड़ों भक्तों ने आहुति डाल कर पुण्य अर्जित किया।
