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ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में हुआ बदलाव, करना होगा ये काम 

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लखनऊ: लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए सरकार ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियमों में बदलाव कर रही है। सरकार ने अब ऐसे नियम लागू कर दिया है, जिससे हर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से जारी नहीं हो पाएगा। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उम्मीदवार को दो घंटे की कड़ी परीक्षा देनी होगी। इतना ही नहीं 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना ही होगा। जिन उम्मीदवारों के नंबर 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वालों को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। नए नियम के मुताबिक दो घंटे की फिल्म देखने वाले आवेदकों के ही लर्निंग डीएल जारी होंगे। यह फिल्म आवेदक को 1-7 दिन में देखकर ही आवेदन जमा करना होगा। इसके बाद आवेदक का लर्निंग डीएल जारी होगा। सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय के सड़क सुरक्षा सेल के आदेश पर यूपी में नया नियम तीन माह में लागू करना होगा। इसके लिए परिवहन आयुक्त मुख्यालय पर तैयारी शुरू हो गई है।

फिल्म से आवेदकों को मिलेगी ये जानकारी

  • वाहन चलाते समय दस्तावेज क्या होने चाहिए
  • यातायात के संकेत और सड़क के नियमों पर
  • मानव रहित क्रॉसिंग से गुजरने के क्या नियम हैं
  • किसी हादसे के बाद ड्राइवर को क्या करना चाहिए
  • सड़क पर सुरक्षित सफर के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे

नए नियम के तहत फिल्म का प्रदर्शन और वस्तुनिष्ठ प्रश्न अंग्रेजी और हिन्दी के साथ स्थानीय भाषाओं में होगी। नियम दस के तहत आवेदन जमा करने के बाद सात दिनों में पोर्टल पर इलेक्ट्रानिक ट्यूटोरियल पूरा करना होगा। परीक्षा में 60 फीसदी अंक पाने वाले आवेदक पास होंगे। आधार के पते पर डीएल आवेदन की अनिवार्यता से लर्निंग डीएल के आवेदक घट गए। बीते सितंबर से मार्च 2023 तक आठ लाख 12 हजार लर्निंग डीएल के आवेदन आए हैं। ऐसे में औसतन हर माह सवा लाख आवेदन प्रदेश भर से आ रहे हैं। जब आधार के पते में डीएल आवेदन की प्रक्रिया अनिवार्य नहीं थी, तब हर माह करीब सवा दो लाख आवेदन आ रहे थे।

लर्निंग डीएल आवेदन पर प्रपत्रों की जांच और डीएल प्रक्रिया पूरी करने पर ऑटोमेटिक डीएल जारी हो जाएंगे। आरटीओ के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होंगी। उप परिवहन आयुक्त आईटी सगीर अहमद अंसारी ने बताया कि अभी तक दोनों प्रक्रिया निजी कंपनी के कर्मचारी के हाथों में थी। अब इसे ऑटोमेटिक कर दिया गया है। आवेदन पर प्रपत्रों की स्कूटनी, परीक्षा में पास होने पर ऑटोमेटिक कम्प्यूटर मंजूरी दे देगा। ऐसे में लर्निंग डीएल की औपचारिकता पर पेंडेंसी खत्म हो जाएगी।

स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन पर 90 दिनों तक फुल रहने वाला टाइम स्लॉट इन दिनों में खाली है। आलम ये है कि जिन दिन परमानेंट के लिए डीएल आवेदन होता है उसी दिन टाइम स्लाट मिल जा रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि लर्निंग डीएल के आवेदन कम होने से स्थाई डीएल के आवेदन भी कम हो रहे है। ऐसे में 90 दिनों तक फुल रहने वाला टाइम स्लाट खाली चल रहा है। लखनऊ परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि भारत सरकार ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया और सख्त करने जा रहा है। ड्राइवर जानकारी की कमी से सड़क हादसे कर रहे हैं। इसके मद्देनजर अब लर्निंग डीएल आवेदकों को दो घंटे की परीक्षा देनी होगी। तभी लर्निंग डीए जारी होंगे। इसके लिए एनआईसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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