बीते दो सालों में हिमाचल के 1101 से ज्यादा छात्रों को मिलीं टॉप नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों में नौकरियां
बद्दी/सचिन बैंसल:देशभर के छात्रों के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक बार फिर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति योजना लेकर आई है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. डॉ. आर.एस. बावा ने सोलन जिले के बद्दी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और प्लेसमेंट के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। प्रो. बावा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकल्टी द्वारा 20 हजार से अधिक रिसर्च पब्लिकेशन किए गए हैं। इसके साथ ही 5519 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए गए, जिनमें से 5212 पेटेंट प्रकाशित और 238 पेटेंट ग्रांट हो चुके हैं। केवल वर्ष 2025 में ही छात्रों ने 1247 पेटेंट फाइल किए, जिनमें से 943 प्रकाशित और 25 पेटेंट ग्रांट हुए। कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइंस, ट्रेडमार्क्स एंड जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स की 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी देश के अग्रणी रिसर्च संस्थानों में शामिल हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर वर्ष 2023-24 में 1126 पेटेंट फाइलिंग के साथ देश में शीर्ष स्थान पर रहा। पिछले पांच वर्षों में पेटेंट फाइलिंग के मामले में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी देश की टॉप-5 संस्थाओं में रैंक कर चुकी है। वहीं 2025 में यूनिवर्सिटी के 44 फैकल्टी मेंबर्स को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी-एल्सेवियर की दुनिया के टॉप 2 फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया। प्रो. बावा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से जुड़े चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों का रिसर्च में लगभग 15 प्रतिशत योगदान है। हिमाचल की एम फार्मा छात्रा काजल द्वारा विकसित मल्टी-जोनल रोडेंट एंग्जायटी असेसमेंट अपैरेटस और छात्र राहुल ठाकुर द्वारा विकसित आंखों की दवा के लिए एज़िथ्रोमाइसिन-लोडेड इन-सीटू जेल पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं। प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी टॉप रिक्रूटर्स की पहली पसंद बनी हुई है। वर्ष 2025 में 1300 से अधिक रिक्रूटर्स ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को 10 हजार से ज्यादा नौकरियां दीं। इस दौरान 1.74 करोड़ रुपये का सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय पैकेज और 54.75 लाख रुपये का सर्वाधिक डोमेस्टिक पैकेज रिकॉर्ड किया गया। 31 रिक्रूटर्स ने 20 लाख रुपये से अधिक और 52 कंपनियों ने 15 लाख रुपये से ज्यादा के पैकेज ऑफर किए।
हिमाचल प्रदेश के छात्रों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए प्रो. बावा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 1101 से अधिक छात्रों को टॉप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से जॉब ऑफर मिले हैं। सोलन जिले से 62 छात्रों को, जिनमें बद्दी, नालागढ़ और परवाणू के छात्र शामिल हैं, प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है। प्रो. बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) 2026 के माध्यम से हर साल 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, जिससे हजारों आर्थिक रूप से कमजोर छात्र 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप प्राप्त कर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अब तक देश-विदेश के 1.30 लाख से अधिक छात्र यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में लगातार तीसरे वर्ष भारत की नंबर-1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनी है। साथ ही खेलों, रिसर्च, इंटरनेशनल सहयोग और डिफेंस स्कॉलरशिप के क्षेत्र में भी यूनिवर्सिटी देश में एक मिसाल बन चुकी है।
