हालांकि जिस जगह की स्टे उन्हें ऊना कोर्ट से मिली हम उस जगह घर नहीं बना रहे थे। ऐसे में जब वे स्टे के कागजात लेकर आए तो हमने कहा कि जिस जगह हम घर बना रहे हैं उसके ऊपर कोई स्टे नहीं है। जिस जगह का स्टे आप लाए हैं वहां हम घर नहीं बना रहे। ऐसे में उन्होंने निर्माण कार्य रोकने के लिए हमारे ऊपर हमले का प्लान बनाया। रविवार सुबह कुछ लोग हमारे निर्माण स्थल पर आए और बिना हमला किए चले गए। तभी मैं घर से निर्माण स्थल की ओर जा रहा था।
तो रिषभ पुत्र राम कुमार व राज पाल पुत्र जोगिन्द्र पाल ने मेरा रास्ता रोककर मुझपर डंडों और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। मेरी चीख पुकार सुनकर मेरे पिताजी मुझे बचाने के लिए आ गए। हमलावरों ने उनकी एक बाजू तोड़ दी और एक हाथ की अंगुली काट दी। मेरे पिता के सिर पर भी कई वार किए। उनके सिर और हाथ पर दर्जनों टांके लगे हैं। सोमवार को उनके हाथ का ऑप्रेशन भी हुआ है। बाजू इतनी बुरी तरह टूट गई थी कि उसमें प्लेट डालकर सर्जरी करनी पड़ी।
हम सुक्खू सरकार से सुरक्षा की मांग करते हैं और चाहते हैं कि जिन लोगों ने हमारे ऊपर हमला किया उन्हें जल्द से जल्द जेल भेजा जाए। वहीं पुलिस ने घायल हरीपाल और उसके पुत्र विकास व नितिश के ऊपर भी मामला दर्ज कर दिया है। अर्थात ऊना पुलिस ने पीड़ित परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हमलावरों ने भी पुलिस को शिकायत दी थी कि हरीपाल और उसके बेटों ने उनके ऊपर हमला किया है।
