नई दिल्ली : राजस्थान के धौलपुर में खेत के विवाद को लेकर 2 पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। यहां लाठी डंडों और फरसों के साथ गोलीबारी हुई, जिसमें एक की मौत हो गई। वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने बाड़ी और धौलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद कंचनपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के घरों में दबिश दी, लेकिन आरोपी गांव से फरार हो गए। बता दें कि जिले के कंचनपुर थाना इलाके के रहल गांव में रिंकू गुर्जर और मातादीन गुर्जर के बीच खेत के विवाद में झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग लाठी डंडे, फरसा और हथियारों से लैस होकर आमने सामने हो गए। दोनों तरफ से हुए खूनी संघर्ष में रिंकू और दूसरे पक्ष का मातादीन गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद दोनों को बाड़ी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन रिंकू की हालत नाजुक होने पर धौलपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन रिंकू को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने पर वहां से जयपुर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से जयपुर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रिंकू की हालत ज्यादा बिगड़ गई।

इसके बाद परिजन वापस जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने डेडबॉडी को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। दूसरे पक्ष के घायल मातादीन का उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद कंचनपुर थाना पुलिस गांव पहुंची है और जायजा लिया। पुलिस ने आरोपियों के घरों में दबिश दी, लेकिन आरोपी गांव से फरार हैं। बता दें कि मृतक रिंकू के चाचा रतना गुर्जर ने गांव के ही मातादीन गुर्जर को खेत बेचा था, जिसका रिंकू और उसके परिजन विरोध कर रहे थे। मातादीन पक्ष के लोग खरीदे गए खेत में निर्माण के लिए पत्थर डाल रहे थे। इसी दौरान रिंकू और उसके परिजन विरोध करने पहुंच गए। दोनों तरफ से हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष के लोग लाठी डंडे, फरसा और हथियार लेकर आमने-सामने आ गए और एक दूसरे पर हमला करने लगे। इस दौरान फायरिंग भी हुई। इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी डॉ.हरिराम डागौर ने कहा कि रिंकू नाम का मरीज बाड़ी के सरकारी अस्पताल से धौलपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर हुआ था। उसका उपचार किया गया, लेकिन कंडीशन ठीक नहीं होने के कारण हायर सेंटर रेफर किया गया। बीच रास्ते में रिंकू की ज्यादा तबीयत खराब हो गई और परिजन उसे वापस अस्पताल ले आए। जब उसे देखा तो वह दम तोड़ चुका था।
