राजसमंदः रिश्तों को तार तार करने का मामला सामने आया है जहां, पैसों के लिए भाई ही भाई का हत्यारा बन गया। दरअसल, 50 लाख रुपए की बीमा राशि हड़पने के लालच में सगे भाइयों ने मिलकर अपने ही भाई की हत्या कर दी। आरोपियों ने पार्टी के बहाने पहले उसे गुजरात से बुलाकर शराब पिलाई। फिर सुनसान जगह पर पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद चलती बाइक से शव को सड़क किनारे फेंक दिया। बाइक को मौके पर ही पटक कर सभी आरोपी खेतों के रास्ते घर जाकर सो गए। थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि रीको एरिया के पास कुंडेली रोड पर देवीसिंह रावत निवासी बड़ावास बग्गड़ का शव मिला था, जिसे पहले हादसा माना जा रहा था। जांच में यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 2 सगे भाइयों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी देते एसएचओ मुकेश कुमार ने बताया कि बड़ावास बग्गड़ निवासी दुधसिंह उर्फ दिनेशसिंह (27) और उसका भाई भगवानसिंह (26), गणेशपुरा रावली थाना टॉडगढ़ (जिला ब्यावर) निवासी सुरेंद्रसिंह (29) तथा जस्साखेड़ा भीम निवासी टीकमसिंह (30) को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कुछ माह पहले देवीसिंह के नाम पर करीब 50 लाख रुपए की दुर्घटना बीमा पॉलिसियां करवाई थीं और उसी रकम को लेने के लिए हत्या की योजना बनाई।
देवीसिंह और दुधसिंह दोनों गुजरात में मजदूरी करते थे। होली पर जमीन रजिस्ट्री का बहाना बनाकर देवीसिंह को गुजरात से गांव बुलाया गया। 4 मार्च को आरोपियों ने साजिश रची और 6 मार्च को वारदात को अंजाम दिया। भगवानसिंह उसे बाइक पर करमाल चौराहे ले गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और उसका मोबाइल फ्लाइट मोड पर डाल दिया गया। इसके बाद कामलीघाट क्षेत्र में अन्य आरोपी भी पहुंच गए और सभी ने मिलकर सुनसान जगह पर देवीसिंह के सिर पर पत्थरों से वार कर उसकी हत्या कर दी।
थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को चलती बाइक से कुंडेली रोड पर गिराया और बाइक भी पास में डाल दी, ताकि घटना दुर्घटना लगे। इसके बाद सभी आरोपी खेतों के रास्ते फरार हो गए और अपने-अपने घर पहुंच गए। अगले दिन 7 मार्च को शव मिलने पर दुधसिंह ने थाने में झूठी दुर्घटना रिपोर्ट दर्ज करवाई कि अज्ञात वाहन की हादसे में मौत हुई है। रिपोर्ट में बताया-6 मार्च की रात कुंडेली में ननिहाल के लिए निकला था। जहां से सुबह वापस आते समय अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई।
थानाधिकारी के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर एफएसएल टीम से जांच करवाई। तकनीकी साक्ष्यों में घटना के समय मृतक के साथ भगवानसिंह की लोकेशन सामने आई, जबकि इसके बाद मोबाइल बंद होना पाया गया। संदेह के आधार पर की गई पूछताछ में आरोपियों ने पूरी साजिश और हत्या की वारदात स्वीकार कर ली। घटना के बाद से ही ग्रामीणों ने इसे हादसा मानने से इनकार किया था और बीमा राशि के लालच में हत्या की आशंका जताई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने बग्गड़ टोल नाके पर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। मृतक के परिजनों ने भी शुरुआत से ही दुधसिंह और उसके साथियों पर साजिश का आरोप लगाया था, जो अब जांच में सही साबित हुआ है।