चंडीगढ़ः सेक्टर 43 में स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस नियंत्रण कक्ष को बम की धमकी की सूचना मिली। इस दौरान बस अड्डे में अफरा-तफरी मच गई। बाद में पता चला कि सेक्टर-43 बस स्टैंड पर पुलिस की ओर से मॉक ड्रिल करवाई जा रही है। जिसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए बम होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वायड, फोरेंसिक टीम और ऑपरेशन सेल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सील कर दिया गया और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-43 बस स्टैंड स्थित डिपो नंबर-4 में सुरक्षा व्यवस्था की परख के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी।
इस दौरान सीटीयू की एक बस में बम होने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही बम स्क्वायड, फोरेंसिक टीम और ऑपरेशन सेल मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बम स्क्वायड टीम ने सीटीयू बस के अंदर से मॉक बम बरामद कर लिया। इसके बाद बम को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करने के लिए टीम अपने साथ ले गई।
पूरे ऑपरेशन के दौरान बस स्टैंड और आसपास के इलाके को पूरी तरह सील रखा गया। इस पूरी कार्रवाई की अगुआई ऑपरेशन सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर जसपाल सिंह कर रहे थे। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित सिविल कोर्ट को लेकर दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इससे पहले सरकारी जिला अदालत की ई-मेल आईडी पर मेल भेजकर ड्रोन के जरिए बम गिराने की धमकी दी गई थी। इसके बाद सोमवार को एक और ई-मेल भेजकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (सिविल कोर्ट) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
लगातार मिल रही धमकियों के चलते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस का कहना है कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना था। आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।