24 घंटे में कांग्रेस ने गंवाए 3 बड़े चेहरे
नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव के प्रचार ने जोर पकड़ लिया है और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को झटके पर झटके लग रहे हैं। 24 घंटे के अंदर पार्टी ने 3 बड़े चेहरे गंवा दिए हैं। बुधवार दोपहर में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस ने संजय निरुपम को पार्टी से निकाल दिया। वहीं आज सुबह पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भी अचानक कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। ये तीनों नेता हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में बड़े चेहरे माने जाते हैं। चुनाव के बीच कांग्रेस को यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सू्त्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ आज कुछ देर में भाजपा ज्वाइन कर सकते है।
बता दें कि इससे पहले ओलिंपिक्स पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंदर सिंह (38 साल) कांग्रेस छोड़कर बीजपी में शामिल हुए। बुधवार को बीजेपी मुख्यालय में विजेंदर का स्वागत किया गया। विजेंदर मंगलवार रात तक कांग्रेस के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे। लेकिन उसके बाद विजेंदर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी का काम करेंगे। देश-दुनिया में हमारे खिलाड़ियों का मान-सम्मान बढ़ा है। विजेंदर ने साल 2019 में राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस के टिकट पर साउथ दिल्ली से चुनाव लड़े। हालांकि, वो बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से हार गए थे।
वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस में उठा-पटक का तूफान थमता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस ने पार्टी विरोधी बयानबाजी पर संजय निरुपम 6 साल के लिए बाहर कर दिया है। जबकि निरुपम ने कहा- मैंने खुद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उसके बाद पार्टी ने सस्पेंड करने का प्रेस नोट जारी किया। इससे पहले महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा ने भी साथ का साथ छोड़ा था। निरुपम लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) के साथ सीट बंटवारे की बातचीत के बीच पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा था। उसके बाद कांग्रेस ने पहले स्टार कैंपनर्स की लिस्ट से बाहर किया, फिर से पार्टी से निकाल दिया। निरुपम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे गए अपने इस्तीफे के मेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया और एक्स पर लिखा, ऐसा लगता है कि पार्टी ने कल रात मेरा इस्तीफा मिलने के तुरंत बाद निष्कासन लेटर जारी करने का फैसला किया। इतनी तत्परता देखकर अच्छा लगा।
