नई दिल्ली: यूएसए और दुबई में हैंडलर के इशारे पर दिल्ली और पंजाब के क्रिमिनल्स को हथियारों की सप्लाई की जा रही है। यह खुलासा दिल्ली के सराय काले खां बस टर्मिनल के पास रिंग रोड से गिरफ्तार एक शख्स से पूछताछ में हुआ है। एक गुप्त सूचना पर एनडीआर/स्पेशल सेल की टीम ने एक कार की चेकिंग की। पुलिस ने कार के बूट स्पेस और स्पीकर में छिपाई गईं। .32 बोर की 25 रिफाइंड पिस्टल, दो मैगजीन और 50 कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार कार सवार की पहचान मुकंद सिंह (26) निवासी थाना ब्यास,अमृतसर (पंजाब) के रूप में की गई। वह पिछले छह महीने से अपराधियों को अवैध हथियार/ और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा था।
कार के बूट स्पेस में छुपाई गई थीं पिस्टल
अवैध हथियारों के तस्करों के खिलाफ चलाए अभियान के दौरान एनडीआर/स्पेशल सेल की टीम को इनपुट मिला था कि अमेरिका में रह रहा एक भारतीय दिल्ली और पंजाब स्थित विभिन्न गिरोहों को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने में शामिल है। एक हथियार तस्कर सराय कालेखां के पास ऑल्टो कार से आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने सराय कालेखां बस टर्मिनल के पास इंद्रप्रस्थ पार्क की ओर सड़क किनारे खड़ी कार की तलाशी ली गई।
पंजाब की नंबर प्लेट वाली इस सिल्वर रंग की ऑल्टो कार में एक व्यक्ति बैठा था। बूट स्पेस के दाहिनी ओर मेटल का एक बड़ा शील्ड फंसा हुआ मिला और वहां काले रंग का एक बड़ा कॉलम स्पीकर भी रखा हुआ था। मेटल की शील्ड को खोलने और स्पीकर की तलाशी लेने पर उसमें छुपाकर रखी पिस्टल मिलीं।
जुर्म के दलदल में धंसने की कहानी
आरोपी मुकंद सिंह 10वीं तक पढ़ा है। बुरे लोगों की संगत में पड़कर इसने पढ़ाई छोड़ दी। करीब दो साल पहले उसकी पहचान पंजाब के दिलप्रीत सिंह से हुई। करीब एक साल पहले दिलप्रीत सिंह अवैध रूप से अमेरिका चला गया था, लेकिन दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहे, क्योंकि मुकंद सिंह भी विदेश में बसना चाहता था। दिलप्रीत सिंह ने उसे बताया कि उसका पंजाब का सहयोगी मन्नू दुबई में ड्राइवर का काम करता है और दोनों भारत में अवैध हथियारों की आपूर्ति करते हैं। दिलप्रीत के कहने और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में मुकुंद भी उनकी गैंग में शामिल हो गया।
कोरियर ने अमेरिका भिजवाई थी अफीम
इसके बाद दिलप्रीत ने मुकुंद को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में स्थित अवैध हथियार निर्माता का पता बताया। इसके बाद मुकुंद उससे हथियार खरीदकर सप्लाई करने लगा। आरोपी ने आगे खुलासा किया कि दिलप्रीत सिंह ने वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के माध्यम से उसे और एमपी स्थित हथियार डीलर को पैसे ट्रांसफर किए थे। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि मुकंद सिंह ने एक बार दिलप्रीत सिंह को कोरियर से अफीम भिजवाई थी।
