नई दिल्लीः माफिया अतीक अहमद व अशरफ के पाकिस्तान से लिंक की जांच में जुटी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड) की पूछताछ में अहम राज का खुलासा हुआ है। इसमें यह बात सामने आई कि अतीक ने पंजाब के गुुरदासपुर से हथियार मंगाए थे। हथियार कैसे और कब मंगाए गए थे, इसकी तहकीकात चल रही है।
धूमनगंज थाने में लगातार दूसरे दिन दोनों से एटीएस अफसरों ने चार घंटे तक पूछताछ की। एक दिन पहले भी एटीएस की चार सदस्यीय टीम ने दोनों भाइयों से पूछताछ की थी। शनिवार दोपहर 12.30 बजे के करीब एक बार फिर एटीएस की टीम धूमनगंज थाने पहुंची। दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची एटीएस की टीम में सात सदस्य शामिल थे। थाने पहुंचने के बाद टीम ने पहले अतीक व अशरफ को बुलाकर एक साथ पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे तक साथ में पूछताछ करने के बाद टीम ने एक ब्रेक लिया और फिर दोनों को अलग-अलग बुलाकर सवाल पूछे गए।
करीब एक-एक घंटे तक दोनों से गहन पूछताछ हुई। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को हुई पूछताछ में सबसे अहम बात यह सामने आई कि अतीक ने पंजाब के गुरदासपुर से हथियार मंगाए थे। यह जानकारी इसलिए भी बेहद अहम है कि यह वह जगह है, जहां अक्सर पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार, ड्रग्स आदि गिराए जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। फिलहाल एटीएस इस बात की जानकारी करने में जुटी हुई है कि हथियार कब, कैसे मंगाए गए। एटीएस की टीम लगातार अतीक व अशरफ से पंजाब के उस स्थानीय कनेक्शन के संबंध में राज उगलवाने की कोशिश करती रही, जो अतीक को हथियार पहुंचाता था। हालांकि फिलहाल उन्होंने उसका नाम नहीं बताया। ऐसे में एटीएस पता लगाने में जुटी है कि अतीक के जेल जाने के बाद उसका कोई ऐसा करीबी था जो पंजाब आता-जाता रहा हो। उस स्थानीय कनेक्शन का नाम सामने आना इसलिए भी बेहद जरूरी है, क्योंकि अतीक ने यह भी बयान किया है कि उसी कनेक्शन के जरिए जम्मू-कश्मीर में दहशतगर्द को भी हथियारों की सप्लाई की जाती है।