नई दिल्लीः ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह के खिलाफ आज सातवें दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। इस दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है कि अमृतपाल सिंह यूनाइटेड किंगडम (UK) की नागरिकता लेना चाहता है। जिसके लिए अमृतपाल ने फरवरी में ही आवेदन कर दिया था। अमृतपाल की पत्नी किरण कौर भी ब्रिटेन की नागरिक हैं। इस आधार पर अमृतपाल द्वारा ब्रिटेन की नागरिकता मांगी गई थी। हालांकि आवेदन अभी ब्रिटेन अधिकारियों के पास लंबित है। उस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष खुफिया सूत्रों का कहना है कि वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल सिंह स्थानीय अधिकारियों और नागरिक समाज के माध्यम से उसके ऊपर बनाए गए माहौल को समझता है। इस वजह से वो देश छोड़कर ब्रिटेन में बसने का प्लान बना रहा था। अधिकारियों का यह भी कहना है कि नशे के तस्कर और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की वित्तिय मदद करते थे। इसके अलावा आईएसआई द्वारा उसे हथियारों, गोला-बारूद की मदद की जा रही थी। अधिकारियों ने कहना है कि अमृतपाल खुद को समाज सुधारक के तौर पर पेश कर रहा था और एक नशामुक्ति केंद्र भी संचालित कर रहा था।
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन नशामुक्ति केंद्रों वारिस पंजाब दे संगठन की तरफ से संचालित किया जाता था। दरअसल, उनका इस्तेमाल हथियार जमा करने के लिए भी किया जाता था। इन नशामुक्ति केंद्रों पर कोई डॉक्टरों नहीं रखे जाते थे, बल्कि कम गुणवत्ता वाले सस्ते एंटीडोट्स दिए जाते थे। जिससे उनको नशीले पदार्थों पर निर्भर रहना पड़ता था। इन केंद्रों पर अमृतपाल के फरमान का पालन किया जाता था। अगर कोई उसके आदेशों का पालन नहीं करता था तो उसे पीटा जाता था। अधिकारियों का कहना है कि अमृतपाल धर्म की आड़ में अपने मकसद में कामयाब भी हो रहा था।
