नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ी जांच वाले मामलों में मनीष सिसोदिया की अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि ईडी और सीबीआई की तरफ से अंतिम आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद मनीष सिसोदिया अपनी जमानत याचिकाओं पर विचार के लिए फिर से आग्रह कर सकते हैं।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को बड़ा झटका देते हुए हाईकोर्ट ने 21 मई को कथित घोटाले के संबंध में ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज अलग-अलग मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि यह मामला उनकी ओर से सत्ता का गंभीर दुरुपयोग किए जाने और जनता से विश्वासघात से जुड़ा है।
हालांकि, हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की पीठ ने स्पष्ट किया कि वह ट्रायल कोर्ट की शर्तों का पालन करते हुए अपनी बीमार पत्नी से हर हफ्ते मिलना जारी रख सकते हैं। इसके पहले मार्च में, सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की क्यूरेटिव याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने पिछले हफ्ते सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे शराब घोटाले के मामले में सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 6 जुलाई तक बढ़ा दी है।
