चंडीगढ़: पंजाब में जनस्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल के तहत भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तृतीयक स्वास्थ्य नेटवर्क में आधुनिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क शुरू कर दी है। यह सेवा, जो पहले महंगी होने के कारण आम लोगों की पहुंच से बाहर थी, अब राज्य के बच्चों के लिए उपलब्ध है। सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में सफल शुरुआत के बाद सरकार ने चार प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों—अमृतसर, पटियाला, फरीदकोट और एसएएस नगर—में यह सुविधा शुरू कर सुनने में असमर्थ बच्चों और वयस्कों के लिए आधुनिक उपचार सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित की है।
सरकार की इस पहल से कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रिया का आर्थिक बोझ पूरी तरह समाप्त हो गया है। निजी क्षेत्र में एक कान की सर्जरी पर 6 से 10 लाख रुपये तक खर्च आता है, जिससे कई परिवार उपचार से वंचित रह जाते थे। अब इम्प्लांट उपकरण, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती और सर्जरी के बाद की देखभाल सभी सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं, जिससे प्रभावित बच्चों को बेहतर जीवन और परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है।
राज्य सरकार ने श्रवण विकार को एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती मानते हुए प्रारंभिक हस्तक्षेप पर जोर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार 0 से 3 वर्ष की आयु कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए सबसे उपयुक्त होती है, जिससे बच्चों का भाषा और वाणी विकास सामान्य रूप से संभव हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह पहल केवल चिकित्सा सुविधा नहीं बल्कि समावेशी स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कोई भी बच्चा आर्थिक या बुनियादी ढांचे की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे।