ऊना/सुशील पंडित: बसोली के फर्जी डॉक्टर पर पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। शुक्रवार को ऊना से आठ किमी दूर मदनपुर स्कूल के पास नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने आरोपी फर्जी डॉक्टर बलराम सिंह पुत्र भगौती प्रसाद के ठिकाने से लाखों दवा की गोलियों के रेपर और दर्जनों नशीली दवाओं के साबुत पत्ते बरामद किए थे। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले बलराम के अड्डे पर जब पुलिस पहुंची थी तब उन्हें निट्राजेपाम, मुंह में घुलने वाली क्लोनेजापाम की 3.5 किग्रा अधजली गोलियां मिली थीं। साथ ही इसी साल्ट की साबुत गोलियों के भी दर्जनों पत्ते पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को ही आरोपी बलराम सिंह तथा उसकी पत्नी मधुबाला के विरुद्ध मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 21, 22, 29-61-85 और भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया है कि आरोपी नशीली दवाओं को विदेश भी भेजता था। यहीं बैठे बैठे वह नशीली दवाओं को अलग अलग ब्रांडेड कंपनियों के नाम से मयंमार, बिहार, बंगाल और देश के अन्य राज्यों तक सप्लाई करता था। इलाके के लोग बताते हैं कि कुछ ही समय में उसने नशीली दवा के कारोबार से अच्छी खासी संपत्ति भी खड़ी कर ली थी और इस कारोबार को करते हुए उसे अढाई दशक से अधिक का समय हो चुका है। अब सवाल यही उठता है कि ऊना की पुलिस और प्रशासन इतने वर्ष कहां सोया था। क्या प्रशासन के अधिकारियों को बलराम द्वारा संचालित नशे के कारोबार की बिलकुल भी भनक नहीं थी।

बसोलीः नशे की गोलियों का नेटवर्क चलाता था फर्जी डॉक्टर
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