ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के अम्बेहड़ा राम किशना में खैर के पेड़ों का अवैध कटान सुर्खियों में है। इस बार वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अम्बेहड़ा राम किशन क्षेत्र में अवैध कटान करते पकड़े गए तीन वन काटुओं को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त पूछताछ अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए तैयार है।
अधिकारियों का दावा है कि रिमांड के दौरान रामगढ़ धार में हुए हजारों खैर के पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।अम्बेहड़ा राम किशन क्षेत्र में अवैध खैर कटान की सूचना पर वन विभाग द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया है। मौके पर पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अम्बेहड़ा राम किशन में आठ और समीपवर्ती बॉल क्षेत्र में 14 खैर के पेड़ों को अवैध रूप से काटा है। ये पेड़ बिना किसी परमिट और वन विभाग की अनुमति के काटे गए थे, जो स्पष्ट रूप से वन अधिनियम का उल्लंघन है।
पुलिस जांच के दौरान जिस गाड़ी को कब्जे में लिया गया, जिसमें खैर के अवैध मोच्छे लदे हुए थे। यह गाड़ी 2011 मॉडल की है और पहले यह पालमपुर की सुमन सूद के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पूछताछ में सुमन सूद ने बताया कि उन्होंने यह गाड़ी हमीरपुर निवासी को बेच दी थी। हमीरपुर के मालिक ने फिर इसे ऊना के किसी व्यक्ति को बेचने की पुष्टि की।
अंततः पता चला कि यह गाड़ी वन काटुओं ने करीब ₹70,000 में ऊना से खरीदी थी और इसी का इस्तेमाल खैर मोच्छे ढोने के लिए किया जा रहा था। वहीं पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।