घरों के पास दरकी पहाड़ियां, दर्जनों रिहायशी मकानों को खतरा ,एसडीएम बंगाणा उतरे फील्ड में
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा में रविवार सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र की मुख्य सड़कों और लिंक सड़कों पर लगातार मलबा गिरने से यातायात बुरी तरह बाधित हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और गांवों में जगह-जगह भूस्खलन से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
सारनोटी में करीब 800 मीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन भारी बारिश की भेंट चढ़ गई है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। जल शक्ति विभाग के कर्मचारी क्षति का आकलन करने के साथ मरम्मत कार्य में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश और लहासे गिरने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। वहीं चपलाह गांव में 40 कनाल से अधिक भूमि खिसक गई है। इस कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और भविष्य में भूमि उपयोग पर भी संकट खड़ा हो गया है। इसी क्षेत्र के रणजीत सिंह का मकान भी भूस्खलन की चपेट में आने के खतरे में है। परिजन असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं और प्रशासन से तुरंत सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। रायपुर के छपड़ी गांव का संपर्क मार्ग बंद हो जाने से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से न सिर्फ वाहनों की आवाजाही थमी हुई है, बल्कि मरीजों और विद्यार्थियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव थानाखास में भी कई स्थानों पर लहासे गिरने से ग्रामीण दहशत में हैं। कई घरों के आसपास की जमीन दरक गई है, जिससे लोगों को अपने ही घरों में रहना असुरक्षित लग रहा है।बंगाणा प्रशासन ने बताया कि पूर्व में हुई भारी बारिश के चलते प्रभावित हुई सड़कों को काफी मशक्कत के बाद खोला गया था, लेकिन रविवार को फिर से लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। मलबा हटाने और बंद रास्तों को खोलने के लिए मशीनरी लगाई गई है, लेकिन मौसम बाधा बन रहा है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही, नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
