दोनों आरोपियों को किया पुलिस के हवाले, मामला दर्ज करवाकर जंगल की हो रही छानबीन:अंकुश आनंद
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल वंगाणा के अंतर्गत आती जोल की सोहारी फॉरेस्ट बीट की अकोई धार में वन विभाग की टीम ने बीती देर रात अवैध कटान में संलिप्त दो वन काटूओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विभाग की ओर से लंबे समय से इन पर नजर रखी जा रही थी। आखिरकार एक सप्ताह की रेकी के बाद वन विभाग ने पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर इन्हें धर दबोचा। वन मंडल अधिकारी बंगाणा अंकुश आनंद ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी जनक राज पुत्र कमल किशोर और जुगल पुत्र रोशन लाल गांव टकारला डाकघर बडूही के निवासी हैं। ये लंबे समय से सरकारी जंगलों में अवैध रूप से खैर के पेड़ काटकर ठेकेदारों को बेचने का काम कर रहे थे। विभाग ने दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है, और अब उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग को पिछले कई दिनों से अकोई धार में अवैध कटान की शिकायतें मिल रही थीं। इसके चलते विभाग ने पूरे इलाके की रेकी शुरू कर दी थी। विभाग के अधिकारी लगातार रात-दिन इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे थे। जैसे ही रविवार रात संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, विभाग ने तत्काल पुलिस के सहयोग से छापा मारा और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। उनके पास पेड़ कटान करने के लिए आरा आदि समान भी बरामद हुआ है। कार्रवाई के दौरान मौके पर कई जगहों पर खैर के ताजे कटे हुए मोच्छे (टुकड़े) पाए गए है। जिससे साफ हो गया कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध कटान हो रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन वन काटूओं का नेटवर्क काफी बड़ा है, और यह गिरोह जंगल से कीमती लकड़ी काटकर उसे ठेकेदारों को बेचने में लगा हुआ था। वन विभाग और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं, ताकि इस अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
बिना हथियार लड़ रहा वन विभाग, कई बार हो चुके हैं हमले
वन विभाग के लिए यह कार्रवाई जितनी मुश्किल थी, उतनी ही खतरनाक भी थी। वन विभाग के कर्मचारी बिना हथियारों के इन वन काटुओं का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर हथियारों से लैस होते हैं। विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर पहले भी हमले हो चुके हैं। कुछ समय पहले भी इसी इलाके में अवैध कटान की जांच कर रही टीम पर हमला किया गया था, जिसमें विभाग के कुछ कर्मचारी घायल हो गए थे। वन काटूए कई बार टीमों पर धारदार हथियारों से हमला कर चुके हैं। जिससे उनकी गिरफ्तारी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। प्रदेश सरकार और वन विभाग लगातार अवैध कटान रोकने के प्रयास कर रहे हैं। खैर और अन्य कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई से सरकारी राजस्व को भारी नुक्सान हो रहा है। यही कारण है कि विभाग इस मामले में पूरी सतर्कता बरत रहा है।बंगाणा रेंज में हाल ही में बढ़ती अवैध कटान की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने अपनी गश्त तेज कर दी है। इस क्षेत्र में पहले भी अवैध लकड़ी कटान के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब विभाग की सख्ती के कारण इन अपराधियों की धरपकड़ शुरू हो गई है।
इस वड़ी कार्रवाई की पुष्टि वन मंडल अधिकारी बंगाणा अंकुश आनंद ने की है। वहीं अकोई की धार से 13 पेड़ काटे जाने और 55 खैर के मौछे बरामद करने की पुष्टि रेंज ऑफिसर बंगाणा अंकुश आनंद ने की है।
अवैध कटान पर आगे की कार्रवाई और जांच जारी
फिलहाल बंगाणा पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों का भी पता लगाया जा सके। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि वे कहीं अवैध कटान होते देखें, तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई वन विभाग की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो यह साबित करती है कि अवैध लकड़ी कटान में संलिप्त लोगों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
जिला में कही भी किसी प्रकार का अवैध कटान मंजूर नहीं,हर जगह फॉरेस्ट विभाग की सख्त कार्यवाही:सुशील राणा
जिला फॉरेस्ट अधिकारी सुशील राणा ने कहा कि बंगाणा के सोहरी रेंज में दो वन कटुए रंगे हाथों विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीती रात करीब 11बजे पकड़े हैं और गहनता से जांच की जा रही है। सुशील राणा ने कहा जिला में कही भी अवैध कटान मंजूर नहीं होगा। और फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को साफ आदेश दिए हैं। कि जहां भी कोई अवैध कटान से संलित पाया जाता है। तत्काल उसपर प्राथमिकी दर्ज करके कार्यवाही की जाए। हमारा उद्वेश्य सरकार की संपति की सुरक्षा करना है। और हम अपना दायित्व ईमानदारी से निभा रहे हैं।