वाराणसीः उत्तर प्रदेश में उदय प्रताप कॉलेज कैंपस में 20 वर्षीय बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में भारी बवाल मच गया। घटना ने ना केवल छात्रों को बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। परीक्षाओं के माहौल के बीच गोलियों की तड़तड़ाहट ने न केवल एक छात्र की जान ले ली, बल्कि कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आपसी रंजिश और वर्चस्व की इस खूनी जंग में गाजीपुर के एक साधारण परिवार का इकलौता बेटा, सूर्य प्रताप सिंह उर्फ पवन हमेशा के लिए खामोश हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 11:00 बजे कॉलेज कैंपस के अंदर मंजीत चौहान नाम के छात्र ने बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह पर गोलियां बरसा दीं। हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंजीत, सूर्य प्रताप को गोली मारता हुआ दिखाई दे रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सूर्य प्रताप गाजीपुर के सैदपुर तहसील के दुबईठा गांव के रहने वाला था। वे अपने माता-पिता के इकलौते बेटे और दो बहनों के अकेले भाई था।
पिता, ऋषि देव सिंह, वाराणसी के अतुलानंद कॉलेज में प्रिंसिपल की गाड़ी चलाते हैं और माता किरण सिंह उसी विद्यालय में वार्डन रह चुकी हैं। बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सूर्य प्रताप के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने तब तक शव उठाने से मना कर दिया जब तक कि आरोपी का एनकाउंटर नहीं हो जाता। पिता ने कहा कि हमारा तो इकलौता चिराग बुझ गया, अब हमारे पास कोई नहीं है। प्रशासन सहयोग करे और आरोपी को सजा दिलाए।
उन्होंने किसी भी पुरानी रंजिश की जानकारी से इनकार किया और बताया कि एक दिन पहले ही बेटे से बात हुई थी, तब वह बिल्कुल सामान्य था। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। गाजीपुर के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह छात्रों के आपसी विवाद (कपड़े पहनने को लेकर शुरू हुई रंजिश) का परिणाम है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए थे कि अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। जिसके कुछ घंटों के बाद मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके साथी अनुज की तलाश जारी है।
