नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी ने पिछले दिनों राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाया। इसके बाद सांसद ने सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाए कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। वहीं राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर मामला गरमा गया है। पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्डा ने जहां आरोप लगाए थे। वहीं सीएम मान ने पद से हटाने को लकरे असल कारण बताए। उन्होंने कहा कि राघव चड्डा ने ससंद में पंजाब के प्रति मुद्दे नहीं उठाए। ऐसे में अगर कोई भी नेता पार्टी से हटकर काम करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सीएम मान ने कहा कि राघव चड्डा किसी ओर स्टेशन से बोल रहे है। वहीं अब दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी ने भी राघव पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा सरकार से सवाल पूछने में डरते हैं।
चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा है और उस पर बोलने से डर रहे हैं। आतिशी ने राघव चड्ढा का नाम लेते हुए कहा, “आप सरकार से सवाल पूछने में क्यों डरते हैं। आज हमारे लोकतंत्र और संविधान पर खतरा है। हमारी आंखों के सामने चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके पश्चिम बंगाल का चुनाव चुराया जा रहा है। लेकिन आप उस पर सवाल नहीं उठाते हैं। आप उस पर बोलने से डर रहे हैं।” आतिशी ने कहा, “आज देश के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस सिलेंडर का है। आप राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए हो सकता है कि आपको परेशानी नहीं हो रही होगी, लेकिन एक आम परिवार को अपने बच्चों के लिए खाना बनाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जब आम आदमी पार्टी ने सिलेंडर को लेकर सवाल उठाए और आपको इस मुद्दे पर बोलने के लिए कहा गया तो आप चुप रहे।
क्या आप सरकार से डर गए हैं?” इसके अलावा, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी राघव चड्ढा पर प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हम लोग अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं। हमने केजरीवाल से सिर्फ एक ही बात सीखी है, ‘निडरता, हिम्मत और साहस’ के साथ लड़ना और संघर्ष करना। लेकिन बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आप सीईसी के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं। पंजाब के मुद्दों पर आप खामोश रहते हैं। सरकार के खिलाफ आप अपनी आवाज नहीं उठाते हैं।” संजय सिंह ने अपने बयान में कहा, “देश, जनहित, पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर आप (राघव चड्ढा) नहीं बोलते हैं। पंजाब के तमाम अधिकारों को छीनने का काम केंद्र सरकार करती है, तब आप नहीं बोलते हैं। बहुत सारे विषयों पर सदन से वॉकआउट करने का मामला आता है, तब आप वॉकआउट नहीं करते हैं। ऐसे तमाम विषयों पर देश आपसे जवाब चाहता है।”