धूरी, 15 फरवरी 2026: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी स्थित ऐतिहासिक श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने पंजाब और देश की शांति, सद्भाव, समृद्धि तथा सतत विकास के लिए प्रार्थना की।
मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से भी संवाद किया और महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण उत्सव बताया।
महाशिवरात्रि का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित प्रमुख हिंदू पर्व है, जिसे देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व आध्यात्मिक जागरण, संयम और तपस्या का प्रतीक है। इसे शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक भी माना जाता है।

भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से संबंधित आधिकारिक जानकारी Ministry of Culture, Government of India के पोर्टल पर उपलब्ध है।
श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर का ऐतिहासिक संदर्भ
श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर पंजाब के मालवा क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठित सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय परंपराओं के अनुसार यह स्थल आध्यात्मिक साधना और तपस्या से जुड़ा माना जाता है।
धूरी, जो पंजाब के संगरूर जिले में स्थित है, राज्य का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र है।
पौराणिक मान्यताएं और लोक परंपराएं
स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से जोड़ा जाता है। लोककथाओं में वर्णित है कि अर्जुन ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां तपस्या की थी। यद्यपि ये कथाएं धार्मिक परंपरा का हिस्सा हैं, मंदिर वर्तमान में सक्रिय पूजा स्थल और क्षेत्रीय आस्था का केंद्र है।

सोशल मीडिया पर साझा संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करना सम्मान की बात है और उन्होंने नागरिकों के लिए शांति एवं प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी अपने संदेश में राज्य और देश में भाईचारे तथा समृद्धि की प्रार्थना करने की जानकारी दी। इस अवसर पर पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे।
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर जोर
दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने पंजाब की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक अवसरों को श्रद्धा और सम्मान के साथ मना रही है। हाल ही में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आगामी श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों की भी जानकारी दी।
मंदिर परिसर में आयोजन और श्रद्धालुओं की भागीदारी
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न जिलों से यहां पहुंचे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे।