नई दिल्ली: अरबपति मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी की मुश्किलें कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में कम नहीं हो रही। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें समन भेजते हुए तलब किया है। वहीं दूसरी ओर अनिल अंबानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनाम दायर कर ये आश्वासन दिया है कि – मैं ईडी की जांच में पूरा साथ दूंगा और बिना इजाजत के देश नहीं छोडूंगा।
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एफिडेविट में कही ये बात
अनिल अंबानी पर ईडी की जांच दरअसल उनके नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के द्वारा कथित 4000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चल रही है। बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की जांच के बारे में sc में एक PIL में एफिडेविट फाइल किया गया है। अनिल अंबानी ने कहा है कि संबंधित कंपनियों में उनका रोल सिर्फ एक नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का था। वो उन कंपनियों के रोजाना के मैनेजमेंट या ऑपरेशनल मामलों में बिल्कुल भी शामिल नहीं थे।
सुप्रीम कोर्ट की लूंगा इजाजत
अनिल अंबानी ने एफिडेविट में आगे कहा है कि वह बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे। अंबानी ने बताया कि जुलाई 2025 में जब इस मामले में ईडी जांच शुरु हुई थी तब से अब तक उन्होंने भारत नहीं छोड़ा है और फिलहाल भी भारत से जाने का कोई प्लान या इरादा नहीं है। उन्होंने अदालत से वादा करते हुए कहा कि विदेश यात्रा की कोई जरुरत पड़ी भी तो ऐसी यात्रा करने से पहले वो सुप्रीम कोर्ट की इजाजत जरुर लेंगे।
ईडी की जांच में करुंगा सहयोग
अनिल अंबानी ने भरोसा दिलवाया है कि वह चल रही जांच के सिलसिले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करते रहेंगे। एफिडेविट में कहा गया है कि बताए गए व्यवहार, कमिटमेंट और लगातार साथ से यह साफ है कि देश से भागने का कोई रिस्क नहीं है और न ही कानूनी प्रोसेस से बचने का कोई इरादा है।
26 फरवरी को होगी ईडी के आगे पेश
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 40,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े इस मामले में अनिल अंबानी का नया समन जारी किया था क्योंकि बुधवार को वो इस हफ्ते निर्धारित तारीख को ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके साथ ही ईडी ने उन्हें 26 फरवरी को हेडक्वार्टर में तलब भी किया।
बता दें कि इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के अंतर्गत ईडी ने अनिल अंबानी और समूह की कंपनियों के करीबन 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।