बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में 13 साल के लड़के द्वारा माता-पिता को साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचाने का मामला सामने आया है। लड़के की सूझबूझ से माता-पिता की मेहनत की कमाई साइबर ठगों के पास जाने से बच गई। वहीं परिजनों ने अपने बेटे की खूब सराहना की और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी।
दरअसल, कुछ साइबर अपराधियों ने NIA अधिकारी बनकर बेकरी मालिक और उसकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास किया। आरोपियों ने बताया कि उनका फोन नंबर आतंकवादियों और 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। साइबर ठग करीब 9 घंटे तक आतंकवादी संगठन से संपर्क होने के नाम पर धमकाते रहे।
जानकारी देते 55 साल के बेकरी मालिक संजय सक्सेना ने बताया कि साइबर अपराधियों ने फोन पर गिरफ्तारी वारंट भेजा जिससे वह और उसकी पत्नी इतने डर गए कि उन्होंने अपनी सारी बैंक डिटेल्स दे दीं और अपनी कीमती चीजों और प्रॉपर्टी के बारे में भी बता दिया। वह डर के मारे सुन्न हो गए थे।
8वीं क्लास के छात्र तन्मय ने बताया कि साइबर अपराधियों ने उनके माता-पिता से वीडियो कॉल पर बने रहने को कहा था। उसने कहा कि उसे पक्का यकीन था कि यह डिजिटल अरेस्ट का मामला है, क्योंकि उसने कुछ दिन पहले ही इस बारे में खबर पढ़ी थी। शक तब और बढ़ गया जब आरोपियों ने उनकी प्रॉपर्टी, गहनों और घर के बारे में जानकारी मांगी। तन्मय ने बताया कि जब उसके माता-पिता हिचकिचाए तो उसने अपने पिता से कहा कि कम से कम थोड़ी देर के लिए वह फोन को फ्लाइट मोड में डाल दें। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि तन्मय अखबारों में साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस के अभियान से जुड़ी खबरों को बहुत ध्यान से पढ़ता है। वहीं, एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और बेकरी मालिक के सभी बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं ताकि पैसा सुरक्षित रहें। वह जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।