नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मोती भाई चौधरी सागर सैनिक स्कूल के एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस घटना के दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जो पूरी दुनिया के लिए संदेश बनेगी कि भारत में आतंक फैलाने की हिम्मत कोई न करे।
10 नवंबर को हुआ था धमाका
10 नवंबर की शाम 6:52 बजे दिल्ली में लाल किले के पास एक हुंडई i20 कार में धमाका हुआ। धमाका इतना ज़ोरदार था कि 13 लोगों की मौके पर मौत हो गई, 20 से ज़्यादा लोग घायल हो गए, आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ और संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट के बाद चारों तरफ मलबा और खून से सनी सड़कें दिख रही थीं।
अमित शाह ने तुरंत संभाली थी स्थिति
धमाके के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह खुद घटनास्थल पर पहुंचे। इसके अगले दिन, यानी 11 नवंबर को, उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों की सुरक्षा स्थिति की दो बार समीक्षा की।
हाई-लेवल मीटिंग में शामिल हुए ये अधिकारी
पहली सुरक्षा समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (IB) के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा, एनआईए के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते साथ ही जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इन अधिकारियों ने गृह मंत्री को धमाके से जुड़ी पूरी जानकारी और जांच की प्रगति के बारे में बताया।
एनआईए को सौंपी गई जांच
गृह मंत्रालय ने इस विस्फोट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। यह कदम इस बात का साफ़ संकेत है कि सरकार इसे आतंकी घटना मान रही है, क्योंकि एनआईए सिर्फ़ आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करती है।
पुलिस के अनुसार, धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीरे चल रही कार में हुआ। इससे 13 लोगों की जान गई, 40 घायल हुए, कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।