नई दिल्लीः अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद ईरान और पश्चिमी ताकतों के बीच सीधा सैन्य संघर्ष तेज हो गया है। जिसके बाद ईरान ने आधिकारिक तौर पर ‘युद्ध की स्थिति’ की घोषणा करते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर हमला करने का दावा किया है। इसी के साथ इजरायल के एयरफोर्स कमांडर के ऑफिस पर मिसाइलों से हमला किया गया है।
IRGC ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन ट्रुथ प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायली पीएम और एयरफोर्स कमांडर के ऑफिस को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। दरअसल, इस युद्ध में एक और इजरायल और अमेरिका ईरान में मिसाइल अटैक कर रहा है वहीं ईरान भी जमकर पटलवार कर रहा है। ईरान ने इजरायल के अलावा खाड़ी के उन देशों को भी टारगेट किया है, जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं।
ईरान की मिसाइलों ने दुबई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों के आसमान को लाल कर दिया है, तो उधर व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त आदेशों ने युद्ध की दिशा बदल दी है। इस तनाव का सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और मिडिल ईस्ट में CBSE की परीक्षाएं तक टाल दी गई हैं। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हवाई हमलों के बाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के लिए उड़ान सेवाएं बाधित हो गई हैं. कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे राजस्थान के कई लोग दुबई और अबू धाबी में फंस गए हैं।
राजस्थान के डीग जिले से ज्योतिषियों का एक समूह 28 फरवरी को दुबई में एक ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने के लिए गया था। उन्हें 1 मार्च को भारत लौटना था, लेकिन अचानक हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगने के कारण उनकी उड़ानें रद्द हो गईं। फंसे हुए लोगों में डीग के ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा भी शामिल हैं, जो दुबई में ही हैं। इजरायली सेना ने अब नए टारगेट सेट कर लिये हैं। इजरायल के सेना प्रवक्ता एफी डेफरिन का कहना है कि इजरायल ने देश की उत्तर सीमा पर लगभग एक लाख रिजर्व सैनिक तैनात किए हैं। इन सैनिकों में दर्जनों बटालियन शामिल हैं। डेफरिन ने बताया सभी विकल्प हमारे सामने खुले हैं।