यमुनानगरः जिले के नगली घाट (गुमथला) क्षेत्र में यमुना नदी पर बने पुल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यह पुल आम जनता के लिए तो बंद है, लेकिन अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के लिए खनन एजेंसी ने इसे पूरी तरह खोल रखा है। पुल से रात-दिन ओवरलोड ट्रक और डंपर बिना किसी रोकटोक के गुजर रहे हैं, जिससे न केवल पुल की संरचना को खतरा है, बल्कि राष्ट्र की संपत्ति को भी भारी नुकसान हो रहा है। हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता वरयाम सिंह ने कहा है कि यह पूरा अवैध कारोबार संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
क्षेत्र की जनता को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से उम्मीद है कि इस मामले में शामिल खनन एजेंसियों, आरोपियों और उन अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाय अवैध गतिविधियों पर आंख मूंद ली। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो पुल की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा, जिससे आम जनमानस की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।
इस मामले में हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता वरयाम सिंह ने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो इस संबंध में उपलब्ध ठोस प्रमाण माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि खनन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही इस राष्ट्रीय संपत्ति की लूट को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता की मांग है कि पुल को तत्काल अवैध खनन वाहनों के लिए बंद किया जाए, पुल की सुरक्षा का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और दोषी एजेंसियों व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की अवैध गतिविधि करने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर हो।