ऊना/सुशील पंडित : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही देश हित, समाज हित एवं छात्र हित में कार्य करती आई है। 1949 में कुछ अध्यापकों एवं छात्रों द्वारा मिलकर इसकी नींव रखी। आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस वर्ष लगभग 45 लाख के सदस्यता कर देश का ही नहीं बल्कि WOSY जैसे प्रकल्पों के माध्यम से दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन बना है। हमारे देश ने अभी आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया इसी के साथ विद्यार्थी परिषद भी 75 वर्षो का होने जा रहा है एवं इन्ही 75 वर्षो की यात्रा का उत्सव 75 दिन 75 अभियान कार्यक्रम के तहत स्वच्छता अभियान चलाकर मनाया गया।
इसी के तहत हिमाचल प्रदेश में भी सभी 18 संगठनात्मक जिलों में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जयंती यानि राष्ट्रीय युवा दिवस से लेकर 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती यानि राष्ट्रीय पराक्रम दिवस तक ज़िला सम्मेलनों का आयोजन करेंगी। ऊना ज़िला सम्मेलन का आयोजन 31 जनवरी के दिन तय हुआ है। ज़िला सम्मेलन में विभिन्न सत्र होगे: उद्घाटन सत्र, प्रदर्शनी सत्र, शोभा यात्रा, समापन सत्र आदि। ज़िला सम्मेलन का मुख्य विषय स्वावलंबी भारत, स्वावलंवी हिमाचल पर अधारित रहेगा । ज़िला भर से आए छात्रों को प्रदेश व ज़िला में स्टार्टअप स्थपित करने वालों को मंच के माध्यम से मिलवाया जायेगा और उन्हे प्रेरित किया जायेगा। कैसा आपका विचार भी आय का स्त्रोत, लोगों की सुविधा व रोज़गार का जरिया बन सकता है। प्रदर्शनी सत्र में ज़िला भर में विद्यार्थी परिषद द्वारा किए गए कार्यों,स्टार्टअप, लोकल ब्रांड्स आदि की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। ज़िला सम्मेलन में टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, स्थानीय हस्तकला, चित्रकला आदि पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रदर्शनी के माध्यम से उन्हें लोगो तक पहुंचाएंगे। हम कल्पना करते है कि जब भारी संख्या में छात्र भारी संख्या में युवा ज़िला सम्मेलन में पहुंचेगा तो उनमें किस तरह से “लोकल फॉर वोकल” का मज़बूत भाव आयेगा।
